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करोड़ों में बेच रहे सरकारी जमीन

7 वर्ष पहले
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शहरमें इन दिनों करोड़ों रुपए कीमत की सरकारी जमीन पर प्लाटिंग की जा रही है। 400 रुपए से 600 रुपए वर्ग फीट के हिसाब से जमीन की बिक्री यहां पर कागजातों में हेरफेर करके तैयार किए गए दस्तावेजों के सहारे यह प्लाटिंग की जा रही है। चुनावी व्यस्तता के चलते प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

शहर में सिंचाई कॉलोनी में स्थित सरस्वती हायर सेकंडरी स्कूल के पीछे इन दिनों काफी अधिक सरकारी जमीन पड़ी है। इस जमीन को रिकार्ड में हेरफेर करके बेचने का काम चल रहा है। स्कूल के पास बनाई गई पुलिस कॉलोनी से संकट मोचन के लिए जाने वाले रोड के किनारे 10.50 एकड़ जमीन में बाउंड्री बनाकर प्लाटिंग की जा रही है। यहां पर मिट्टी डालकर रोड बनाने की तैयारी है। इस जमीन पर प्लाटिंग का काम करने वाले लोग 600 रुपए वर्ग फीट के हिसाब से जमीन बेच रहे हैं। यहां पर प्लाटिंग का काम करने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि कॉलोनी में प्लाट बेचने के साथ ही 100 मकान बनाने की भी योजना है। इसके लिए जोरों पर काम चल रहा है। हालांकि इस जमीन का रिकार्ड पूछने पर ये कर्मचारी कुछ बोल पाने में खुद को अक्षम पा रहे हैं।

फर्जीवाड़ाकरके कब्जे में कर ली जमीन

शहरके गोविंद शुक्ला ने पीजी सेल में भेजी शिकायत में बताया कि छतरपुर मौजे की खसरा नंबर 2969, 2970 में 92.27 एकड़ पहाड़ था। 1939-40 में यह निस्तारी पहाड़ी के रूप में यह तालाब दर्ज था। यह भूमि मोहन पिता देवी कुशवाहा को 9.10 एकड़, अमान पिता हजारी कुशवाहा 7.55 एकड़, नन्ना पिता बसोरा रैकवार 6.05 एकड़, मोहनलाल पिता मौजी कुशवाहा 11.23 एकड़, छिमाधर पिता भुज्जू कुशवाहा 2.27 एकड़, धन्नूलाल पिता मोतीलाल को 11.23 एकड़ भूमि बिना किसी सक्षम आदेश के दर्ज कर दी गई। इस खसरा नंबर 2969 के रकबा 7.35 एकड़ पर हरीचरण, जगन्नाथ और अमान कुशवाहा द्वारा वर्ष 1974-75 में भूमि अपने नाम दर्ज कराई थी। इसके लिए सक्षम आदेश नहीं हैं। अब इस जमीन को कारोबारियों ने खरीद लिया है, और उस प्लाटिंग करके पर आवासीय भूखंड बनाकर करोड़ों रुपए में बेचे जा रहे हैं। वहीं खसरा नंबर 2969 और 2970 को जमीन के कारोबारियों ने खरीद लिया है। और प्लाटिंग करके उसे बेचने की तैयारी कर ली गई है।

आखिरकैसे प्राइवेट हो गई जमीन

दरअसलशहर के मध्य में स्थित इस 92.27 एकड़ के इस पहाड़ में से 32.11 एकड़ जमीन पुलिस लाइन को दी गई। शेष जमीन पर पु