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बाघिन को बेहोश कर पहनाया रेडियो कॉलर

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता छतरपुर/खजुराहो

पन्नाटाइगर रिजर्व की एक बाघिन के जिले की चंद्रनगर रेंज में जाने से यहां के लोगों के बीच हड़कंप की स्थिति बन गई थी। चुरारन गांव में गए गाय का शिकार करने के कारण लोग और दहशत में गए। बाद में बाघिन को बेहोश करके वापस पन्ना नेशनल पार्क के अंदर पहुंचा दिया गया है। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है। बाघिन को रेडियो कॉलर पहनाए जाने से अब विभाग की उसकी लोकेशन मिलती रहेगी।

दरअसल काफी लंबे समय से बाघिन पी-433 पन्ना नेशनल पार्क से गायब थी। अर्ध वयस्क बाघिन के गले में रेडियो कॉलर नहीं होने से उसकी तलाश भी नहीं हो पा रही थी। इसी बीच अचानक ही एक बाघिन के चंद्रनगर के चुरारन गांव के पास गाय का शिकार करने की बात सामने आई। इस पर पन्ना टाइगर रिजर्व और छतरपुर वन मंडल की टीम मौके पर पहुंची और बाघिन को देखने के लिए हाथियों की मदद ली। इसके बाद ट्रिंकुलाइजर का इस्तेमाल करके बाघिन को बेहोश कर दिया गया। इसके बाद इस बाघिन की पहचान पी-433 से की गई है।

घावका इलाज किया और वापस ले गए - पन्नानेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर आर. श्रीनिवास मूर्ति ने बताया कि इस अर्ध वयस्क बाघिन के पीठ पर पुराना घाव भी बेहोश करने के बाद देखने को मिला। आशंका जताई गई है कि किसी बाघ या तेंदुए द्वारा उस पर हमला किया गया होगा। इसके कारण ही उसे घाव हुआ होगा। टीम के द्वारा तत्काल ही उसका इलाज किया गया। इस पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व छतरपुर सीसीएफ एसके मंडल ने किया। वहीं बाघिन को बेहोश करने की कार्रवाई पन्ना टाईगर रिजर्व के वन्य प्राणी चिकित्सक डा. संजीव कुमार गुप्ता द्वारा की गई। इस अवसर पर छतरपुर सीएफ डॉ. राघवेंद्र श्रीवास्तव, उपसंचालक पन्ना टाइगर रिजर्व डाॅ. अनुपम सहाय मौजूद रहे। मौके पर काफी भीड़ हो गई थी। इसके चलते पुलिस को मुस्तैद रहना पड़ा।

अबबाघिन पर रखी जा सकेगी नजर - उपसंचालकडॉ. सहाय ने बताया कि बेहोश करने के बाद इलाज के साथ ही इस बाघिन को रेडियाे कॉलर पहनाया गया है। इस रेडियो कॉलर के जरिए बाघिन की सही लोकेशन हर समय विभाग को पता चलती रहेगी। वहीं इस बाघिन को बेहोश करने के बाद स्ट्रचर पर लेकर दोबारा नेशनल पार्क के मंडला रेंज के कमानी तालाब के पास छोड़ा गया। उल्लेखनीय है कि इन दिनों खजुराहो से पार्क में जाने वाले पर्यटकों को आधा दर्जन से अधिक बाघ देखने का मौका मिल रहा है। इससे पर्य