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वन-वे के नियमों का हो रहा उल्लंघन

7 वर्ष पहले
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शहरके मुख्य बाजार में इन दिनों ट्रैफिक व्यवस्था के बेहद खराब हालात हो गए हैं। शहर के पुराने इलाकों में बड़ी संख्या में चल रही टैक्सियों, दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण और पार्किंग के लिए स्थान होने के कारण बाजार में हर घंटे पर ट्रैफिक जाम होता है। यहां वनवे नियमों का भी धड़ल्ले से उल्लंघन किया जाता है। इससे इस क्षेत्र में जाने पर लोगों काफी परेशानी होती है। कई बार विवाद की स्थिति भी बन जाती है।

वनवे का नहीं हो रहा है पालन: शहर के छत्रसाल चौराहे से चौक बाजार की ओर जाने वाले मार्ग पर प्रशासन द्वारा बोर्ड लगाकर इस मार्ग को वनवे घोषित किया गया है। इसमें वाहनों का प्रवेश सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक प्रतिबंधित किया गया है। लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा है। इसके साथ प्रशासन ने महल के पास वनवे व्यवस्था को बनाने का प्रयास किया है लेकिन गलियों का उपयोग कर वाहन चालक इसका माखौल उड़ा रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी टैक्सी चालक खड़ी कर रहे हैं। अप्रशिक्षित ड्राइवर होने के कारण वे कहीं भी वाहन लगाकर सवारियां भरने लगते हैं। इससे जाम लग जाता है। रविवार को ही शहर के गल्लामंडी क्षेत्र और बड़कुल चौक के पास कई बार जाम की समस्या बनी।

यहहै समाधान

दैनिकभास्कर ने शहर की सबसे बड़ी समस्या के रूप में सामने आए इस मामले का समाधान खोजने की प्रयास किया। शहर के जिम्मेदार नागरिकों से समस्या के समाधान के संबंध में बात की।

पार्किंगप्वाइंट तय किए जाएं

सामाजिकसंस्था भारत विकास परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष कमल अग्रवाल ने बताया कि पिछले वर्ष ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने पार्किंग प्वाइंट तय किए थे। लेकिन यह व्यवस्था लागू नहीं की जा सकी। जबकि सीएमओ नगरपालिका के साथ ही व्यापारी यूनियन, टैक्सी यूनियन, बस यूनियन आदि ने शामिल होकर यह व्यवस्था तैयार की थी। इसमें तय हुआ कि हटवारा, शिक्षा विभाग कार्यालय और महल चौक के पास चार पहिया वाहनों की पार्किंग होगी। वहीं चौक बाजार के जैन मंदिर, गांधी स्मारक चौक बाजार और गोवर्धन टॉकीज के पास दो पहिया वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने इसे लागू करने की मांग की।

टैक्सियोंका रूट निर्धारित किया जाए

शहरके व्यवसायी सोनू गुप्ता बताते हैं कि शहर में टैक्सियों की संख्या क्षमता से अधिक हो गई है। इस कारण ये जाम की समस्या प