कथा में ठाकुर जी को लगा छप्पन भोग
शहरमें नरसिंह मंदिर में चल रही भागवत कथा में चौथे दिन गोवर्धन पर्वत की कथा सुनाई गई। इस दौरान ठाकुरजी भगवान को छप्पन प्रकार के व्यंजनों का प्रसाद चढ़ाया गया। पं. पंकज कृष्ण शास्त्री ने सोमवार को भगवान श्रीकृष्ण और गाय की लीला तथा गोवर्धन पर्वत के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जंगल में जाकर अपनी बंसी बजाते जाते है तो उनके सभी सखा और सभी गाय उनके चारों एकत्र होकर उनकी बसी को सुनती है। और उसी में खो जाते है।
इस दौरान जब अचानक तेज हवाएं चलने लगती है और बारिश शुरू हो जाती है। पूरा गांव तितर विरत हो जाता है। तब भगवान श्रीकृष्ण गोवर्धन पर्वत उठाते है जिसमें पूरे गांव के लोग और सभी गाय छुप जाती है।
इंद्र देवता और तेज बारिश करके उन पर दबाव डालने का प्रयास करते है। लेकिन जब कुछ नहीं होता है तो वे बारिश को बंद कर देते है। और तबसे ही सभी लोग गोवर्धन पर्वत को पूजते है और उसके लिए साल में एक दिन गोवर्धन पूजा भी की जाती है। कथा के बाद आयोजन एसआर निरंजन, कौशल किशोर निरंजन द्वारा ठाकुरजी महाराज के लिए छप्पन प्रकार के व्यजनों का प्रसाद चढ़ाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा में विनीता निरंजन, बबलू पटेल, प्रताप सिंह पटेल, अखिलेश पटेल का व्यवस्था में विशेष सहयोग रहा है। मंगलवार को सुदामा चरित्र और गोपी कृष्ण संवाद की कथा सुनाई जाएगी।
छतरपुर | नरसिंहमंदिर में प्रवचन करते पंकज कृष्ण शास्त्री।
छतरपुर| पुराना पन्ना नाका के पास नरसिंह मंदिर में पंडित पंकज कृष्ण शास्त्री के प्रवचनों का आनंद लेते श्रोता।