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जांच में आई तेजी, एक सप्ताह में आएगी रिपोर्ट
प्राचार्यों से कहा- अब छात्रवृत्ति में कोई गड़बड़ी हो
जिलेमें उच्च शिक्षण संस्थाओं में हुए छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में अब तेजी आने लगी है। जांच के लिए बनाई गई टीमों द्वारा संस्थानों में जाकर छानबीन शुरू कर दी गई है। एक सप्ताह के अंदर यह जांच पूरी होने की उम्मीद है। वहीं स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक लेकर छात्रवृत्ति वितरण में सावधानी बरतने के लिए कहा गया। हालांकि स्कूलों के नाम पर पिछले वर्षों में छात्रवृत्ति घोटाला करने वाले शिक्षा माफियाओं और अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है। आदिम जाति कल्याण विभाग और पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा पिछले वर्षों में कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को जारी की गई छात्रवृत्ति में काफी खामियां देखने को मिली थीं।
दैनिक भास्कर द्वारा इस मामले को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया गया था। मामले में कलेक्टर डॉ. मसूद अख्तर द्वारा 12 जांच टीमों का गठन किया गया था। इन जांच टीमों को पिछले 2 वर्षों में जारी की गई छात्रवृत्ति की जांच करने के लिए आदेश दिए गए हैं।
दूसरे चरण के चुनावों के कारण मतदान का कार्य प्रभावित रहा और अधिकतर जांच टीमें संबंधित संस्थाओं में जांच करने के लिए नहीं पहुंच सकीं, लेकिन अब जांच टीमों ने संस्थाओं तक पहुंचना शुरू कर दिया है। बुधवार को शहर के लॉ कॉलेज में जांच करने के लिए सामाजिक न्याय विभाग के उप संचालक वीएस बघेल पहुंचे। उन्होंने यहां के रिकार्ड आदि की छानबीन की। श्री बघेल के अनुसार जल्द ही जांच रिपोर्ट तैयार करके वरिष्ठ अधिकारियों को पहुंचा देंगे।
एक सप्ताह में जांच पूरी होने की उम्मीद
जांचटीमों का संयोजन कर रहे पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहायक संचालक आरबी सोनी कहते हैं कि कई अधिकारियों की ड्यूटी पंचायत चुनाव में मतदान और कई अधिकारियों की मतगणना में लगाई गई थी। इसलिए उनको जांच के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया है। अब जांच तेजी के साथ चल रही है। एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सभी टीमों से मिलने की उम्मीद है, लेकिन यदि इसके बाद भी कोई टीम जांच रिपोर्ट जमा नहीं करती है तो उसे रिमाइंडर दिया जाएगा।
छतरपुर स्कूलों के नाम पर जारी की गई चैकों के गायब होने के मामले में पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पा रही है। इससे शिक्षा माफियाओं को जमानत का मौका मिल रहा है। दरअसल श्रम कार्यालय से जारी किए गए करीब 52 लाख रुपए के दो चैकों के हटवारा और एमएलबी स्कूलों तक पहुंचने से पहले ही चैक गायब हो गए थे। इनकी राशि फर्जी तरीके से स्कूलों का संचालन करने वाले शिक्षा माफिया आत्माराम पांडे, पवन खरे, राजेंद्र सक्सेना, श्रम पदाधिकारी केके गुप्ता आदि की गिरफ्तारी होनी है, लेकिन पुलिस को इन आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिल रहा है। इस मामले की जांच कर रहे थाना प्रभारी सिविल लाइन राजेश बंजारे कहते हैं कि आरोपियों की तलाश की जा रही है, लेकिन कोई सुराग नहीं लग पा रहा है।
कक्षा 10 और 12वीें अच्छे परीक्षा परीणामों को लेकर स्कूल क्रमांक 2 में सभी स्कूल प्राचार्यों की बैठक हुई।
पं. मोती लाल काॅलेज में छात्रवृत्ति की जांच करने पहुंची शिक्षा विभाग की टीम।