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राजस्व अधिकारियों से दुर्व्यवहार रुके, नहीं तो होगा आंदोलन

6 वर्ष पहले
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शहरमें बुधवार को राज्य प्रशासनिक सेवा के जिला पदाधिकारियों ने प्रदेशभर में उनके साथियों के साथ नेताओं द्वारा किए जा रहे दुर्व्यवहार के विरोध में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया। ज्ञापन के माध्यम से राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों ने ऐसी घटनाओं पर नियंत्रण करने के लिए आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

राजस्व अधिकारी संघ और राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी संगठन के बैनर तले बुधवार को जिले के सभी डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार और नायब तहसीलदार रैंक के अधिकारी एकत्र हुए। उन्होंने कलेक्टर डॉ. मसूद अख्तर को ज्ञापन सौंपकर बताया कि हाल ही में प्रदेशभर में राजस्व विभाग में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ जनप्रतिनिधियों और सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार दुर्व्यवहार किया जा रहा है। शिकायत के बाद भी आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे राजस्व विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी शासकीय कार्य का निर्वहन करने में अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहे है। ज्ञापन में बताया गया कि हाल ही में विदिशा में बीपीएल सूची में नाम जोड़े जाने को लेकर नेताओं द्वारा दुर्व्यवहार किया गया। इसके बाद हरदा में राजस्व वसूली के मामले में तहसीलदार निधि चौकसे को भाजपा नेता द्वारा खुलेआम स्थानांतरण की धमकी दी गई। इसी तरह से अन्य घटनाएं भी हुई हैं। इन सभी मामलों में तो आरोपियों के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज हुई और ही उन पर कोई कार्रवाई की गई। इन मामलों में एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।

ज्ञापन सौंपने वालों में जिला पंचायत सीईओ डॉ. सत्येंद्र सिंह, एडीएम एचसी गंगवानी, सहायक कलेक्टर अनुराग वर्मा, एसडीएम छतरपुर डीपी द्विवेदी, एसडीएम लवकुशनगर एके धुर्वे, तहसीलदार विनय द्विवेदी, तहसीलदार भास्कर गाचले, तहसीलदार बलवीर रमण, नायब तहसीलदार सच्चिदानंद त्रिपाठी सहित जिले के सभी डिप्टी कलेक्टर और तहसीलदार मौजूद थे।

दुर्व्यवहार के विरोध में नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया।