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अब बदलेंगे गांवों के दिन

6 वर्ष पहले
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बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए एसडीएम आगे आईं

भास्करसंवाददाता | छतरपुर

जिलेमें नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन द्वारा एक पावर प्रोजेक्ट की स्थापना की जा रही है। जिले के बरेठी, सांदनी, सतना और बसारी गांवों में इस प्रोजेक्ट की स्थापना होनी है। इसके लिए इन गांवों का पूर्णता और आंशिक रूप से विस्थापित किया जा रहा है। अब इन गांवों की बदहाली दूर होने की उम्मीद दोबारा जागने लगी है। एसडीएम द्वारा हाल ही में जारी किए गए आदेश का यदि सही ढंग से पालन हुआ तो जल्द ही व्यवस्थाएं बदल जाएंगी।

एनटीपीसी द्वारा प्रोजेक्ट के लिए अधिगृहित की गई जमीन को कब्जे में करने के लिए बाउंड्रीवाल बनाने का काम अभी चल रहा है। अधिगृहित भूमि के अंतर्गत आने वाले मकानों को हटाया गया है और कई ग्रामीण विस्थापित हुए हैं। एनटीपीसी प्रोजेक्ट के अंतर्गत सामुदायिक विकास निधि के अंतर्गत इन गांवों में विकास कार्य किए जाने थे, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इस तरह की अव्यवस्था को देखकर ग्रामीण परेशान हुए और उन्होंने एसडीएम से मामले की शिकायत की। अब एसडीएम राजनगर नीता राठौर ने एनटीपीसी के महाप्रबंधक को पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने ग्रामीणों के हित में तत्काल व्यवस्थाएं शुरू करने के लिए कहा है।

पुनर्वासनीति के अनुसार हों विकास कार्य

एसडीएमनीता राठौर द्वारा एनटीपीसी के जीएम को भेजे गए पत्र के अनुसार महिला सशक्तिकरण और को घरेलू उद्योग धंधों के संबंध में प्रशिक्षण सेंटरों की व्यवस्था की जानी है। इसके साथ ही धार्मिक स्थलों और स्कूलों के रखरखाव पर ध्यान दिया जाना है। इनमें नवनिर्माण भी किया जाना है। प्रभावित गांवों में आरसीसी, नालियों का निर्माण और प्रत्येक घर में शौंचालय का निर्माण कराया जाना है। इसके साथ ही कक्षा एक से 12वीं तक के नियमित छात्रों को विशेष छात्रवृत्ति भी उपलब्ध करानी है, लेकिन इन कार्यों को एनटीपीसी के अधिकारियों ने अब तक शुरू नहीं कराया है। एसडीएम श्रीमती राठौर द्वारा 7 फरवरी को जारी किए गए आदेश के अनुसार ये काम आगामी 7 दिनों के अंदर शुरू कर दिए जाएं।

डीईओतैयार कराएं पात्र छात्रों की सूची

एसडीएमश्रीमती राठौर के अनुसार एनटीपीसी द्वारा इन चार गांवों के सभी कक्षा एक से 12वीं तक नियमित छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जानी है। इसके लिए डीईओ कार्यालय को पत्र भेजकर अनुरोध किया गया है कि वे इन गांवों के स्कूलों के छात्र-छात्राओं की सूची तैयार कराएं, ताकि इसमें कहीं पर गड़बड़ी हो सके। इस मामले में एनटीपीसी के वरिष्ठ प्रबंधक एमएस नागर कहते हैं कि छात्रवृत्ति देने के लिए सूची का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही सूची मिलेगी तो छात्रवृत्ति सभी छात्र-छात्राओं को दे दी जाएगी।

कार्यगति में आएगी तेजी

एनटीपीसीके जीएम प्रभात कुमार कहते हैं कि गांवों में पुनर्वास नीति के अनुसार काम पहले से ही चल रहे हैं। एसडीएम द्वारा जो पत्र भेजा गया है, उसके पालन में कार्यों की गति को और तेज कर दिया जाएगा। जल्द ही ग्रामीणों को सभी प्रकार की सुविधाएं मिल जाएंगी।