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अस्पताल में मरीजों को फटे गद्दे, खराब कंबल
छतरपुर जिला चिकित्सालय में मरीजों के लेटने वाले गद्दे फट चुके है लेकिन अस्पताल प्रशासन इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दे रहे हैं
जिला अस्पताल में असुविधाओं से मरीजों को परेशानी
भास्करसंवाददाता| छतरपुर
जिलाअस्पताल में इन दिनों मरीजों फटे गद्दे और कंबल नहीं मिलने से ठंड में परेशानी हो रही है। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों कंबल की मांग करते हैं तो उन्हें डांट कर भगा दिया जाता है।
इसके अलावा वार्डों में नर्सों ने कंबल दिए कंबल बांटने में भेदभाव करने से भी मरीजों को परेशानी हो रही है। अस्पताल में मेल वार्ड, ट्रोमा वार्ड, बच्चा वार्ड और फीमेल वार्ड में फट पलंग की व्यवस्था तो गई है लेकिन यहां मरीजों को फटे गद्दों पर कड़ाके की ठंड में रात गुजारनी पड़ रही है।
इन्होंनेकी शिकायत- मेलवार्ड में नौगांव के सड़क दुर्घटना में भर्ती हुए देवेंद्र नामदेव के परिजनों ने नर्सों को फटे गद्दे बदलने को कहा तो उन्होंने कहा कि हम आपकों लेटने के लिए पलंग उपलब्ध करा रहे हैं। यही काफी हैं। यदि ज्यादा परेशान किया तो आपके मरीज को जमीन पर लेटना पड़ेगा। इतना ही नहीं इसके बाद परिजनों ने अस्पताल के सीनियर डाक्टर काे नर्सों द्वारा गद्दे फटे होने की शिकायत और दुर्व्यवहार की जानकारी दी, लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया। इसी प्रकार गढ़ीमलहरा और बमीठा से आए सेवादीन अहिरवार और रजू रैकवार के साथ हुआ है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में केवल जानपहचान वाले मरीजों को ही सुविधाएं दी जाती है जबकि बाहर से आने वाले अन्य मरीजों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है।
बच्चेको नहीं मिला कंबल
ट्रोमावार्ड में देरी के एक नौ साल की रती कुशवाहा को भर्ती कराया गया था। दिन में तो धूप निकलने से ठंड कम थी, लेकिन जब रात हुई तो ठंड से बचने बच्चे के परिजनों ने नर्सों द्वारा कंबल दिए जाने की मांग की। फिर भी किसी ने भी बच्ची को कंबल उपलब्ध नहीं कराया। मंगलवार की रात बच्चे को बिना कंबल के ठंड में गुजारनी पड़ी। अगले परिजनों ने अपने गांव से बच्ची के लिए कंबल मंगवाया है। इसी प्रकार अन्य मरीजों द्वारा कंबल की मांग करने पर नर्सों और डाक्टरों द्वारा तरह-तरह के बहाने बनाकर बात को टाल दिया जाता है। बच्ची के परिजनों ने कहा कि यदि अस्पताल में कंबल नहीं है तो उन्हें नए खरीदने चाहिए।