पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • छात्रों का इलाज और शिक्षकों को टिप्स दिए

छात्रों का इलाज और शिक्षकों को टिप्स दिए

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
छतरपुर। बच्चों को शिविर में नि:शुल्क दवाइयां दी गईं।

भास्कर संवाददाता|छतरपुर

शहरके सरानी दरवाजा मिडिल स्कूल में बुधवार को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत शिविर लगाया गया। इसमें बच्चों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां दी गई। शिविर का आयोजन दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक किया गया। इस दौरान शिक्षकों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां दी गईं, ताकि शिक्षक अपने छात्रों को स्वस्थ रहने के लिए अच्छे संस्कार दे सकें।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना के तहत सरकारी स्कूलों में ये शिविर लगाए जा रहे है। डाक्टरों की दो टीमें प्रतिदिन स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है। पहली टीम में डा. राजेश मालवीय, डा. संगीता असाटी, नर्स प्रियंका कोरी है। दूसरी टीम में डा. चंद्रवती अहिरवार और डा. रामकृष्ण पाल, द्रोपती कुर्मी और कविता सिंह है। वे स्वयं पहली टीम को लीड कर रहे है।

38बीमारियों की करते है जांच

डाॅ.मालवीय ने बताया कि इन स्वास्थ्य शिविरों में बच्चों में होने वाली 38 प्रकार की बीमारियों की जांच की जाती है। स्वास्थ्य शिविरों के लिए सरकार द्वारा एक अलग बीमारियों का प्रपत्र दिया गया है। इसमें बीमारियां के नाम और उनके फैलने के कारण दिए गए हैं। इसकी सुरक्षा और बचाव के तरीके भी इस प्रपत्र में दर्शाए गए हैं। शिविर में इलाज के साथ ही बच्चों को उनके स्वास्थ्य संबंधित जानकारियां भी दी जाती है।

स्कूलएक और आंगनबाड़ी में दो शिविर

राष्ट्रीयस्तर पर चल रहे इस बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्राइमरी, मिडिल और हाईस्कूल में ही स्वास्थ्य शिविर का आयोजन होता है। फार्मासिस्ट अनुरूद्ध गुप्ता ने बताया कि यह शिविर एक साल में स्कूलों में एक बार और आंगनवाड़ी केंद्रों में दो बार लगाए जाते हैं। इस साल अभी तक जिले में 44 सरकारी स्कूलों और 30 आंगनबाड़ी केंद्रों में यह शिविर लगाए जा चुके हैं।

शिक्षकोंको दी जानकारियां

बच्चोंको स्वास्थ्य को लेकर जागरूक करने इस अभियान के तहत डाक्टरों द्वारा शिक्षकों को भी जानकारियां दी जाती है। डा. मालवीय ने बताया कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ स्कूलों में मध्यान्ह भोजन और खेलकूद जैसी गतिविधियों का संचालन किया जाता है। छात्रों के स्वास्थ्य के संबंध में शिक्षकों का जागरूक होना भी आवश्यक है। सभी शिक्षकों क