25 किमी. एरिया में है बेसली नदी
25 किमी. एरिया में है बेसली नदी
मुरारकी बेसली नदी का अपवाह क्षेत्र करीब 25 किलोमीटर है। इसका उद्गम स्थल इकहरा और समापन बिंदु सुपावली है। इसी तरह घाटीगांव की महुअर नदी का अपवाह क्षेत्र 18 किमी है। यह भंवरपुरा गांव से निकलकर सुल्तानगढ़ के पास पार्वती नदी में मिल जाती है। डबरा की छछूंद नदी का अपवाह क्षेत्र 40 किमी है। यह जौरासी से निकलकर सिली सिलेटा गांव के पास सिंध नदी में मिल जाती है। भितरवार की नोन नदी का अपवाह क्षेत्र 45 किमी है। यह हिम्मतगढ़ तालाब से निकलकर सिंधुपुरा गांव के पास सिंध नदी में मिल जाती है। इसके अलावा मोहना नाले का अपवाह क्षेत्र भी आठ से दस किमी है। इसे मानपुरा नदी का नाम देकर जन अभियान परिषद की ग्वालियर शाखा ने गोद लिया है।
ऐसेकरेंगे जल संरक्षण
सूखेपड़े नालों नदियों में जल संरक्षण के लिए प्राकृतिक स्रोतों का भी संरक्षण किया जाएगा। इसके लिए पहाड़ों से रिसने वाले जल स्रोतों के मार्ग पर बोल्डर के चेक डैम बनाए जाएंगे। इसके अलावा नदियों के मार्ग में भी जगह-जगह चैक डेम बनाए जाएंगे। जिन स्थानों पर जलभराव उथला हो गया है, उन्हें गहरा किया जाएगा।
स्थायीस्ट्रक्चर के लिए लेंगे प्रशासन की मदद
जलसंरक्षण अभियान स्थानीय लोगों की सहायता से चलाया जाएगा। फिर भी यदि कहीं पर कोई स्थायी स्ट्रक्चर बनाना होगा, तो स्थानीय प्रशासन की मदद ली जाएगी।