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मुझे डोडाचुरा ठेकेदार अनिल त्रिवेदी लाया मंदसौर, शक होने पर उसे भी मार डाला था

5 वर्ष पहले
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मैं बकरी चराने, गैरेज व पेटिंग में पिता का हाथ बंटाता था, मुझे मंदसौर डोडाचूरा ठेकेदार अनिल त्रिवेदी लेकर आया था। उसके कहने पर पहली बार पिपलियामंडी में बालू बावरी की गोली मारकर हत्या की। इसके बाद लाला व अनिल त्रिवेदी के बीच दुश्मनी और खुद पर हुए हमले से नाराज हो मैंने अनिल त्रिवेदी को ही मार डाला।

यह सनसनीखेज खुलासा बुधवार को बाबू फकीर ने सिटी कोतवाली में टीआई एमपी सिंह परिहार, एएसआई संजय प्रताप के सामने की। शाम को पूछताछ में गौतमपुरा जिला इंदौर के बाबू उर्फ मजहर पिता नूर मोहम्मद फकीर (32) ने मंदसौर में की हत्याएं स्वीकारी लेकिन ठन्ना हत्याकांड से खुद को दूर बताया। बाबू ने बताया सबसे पहले त्रिवेदी व पठानों के कहने पर पिपलियामंडी रेलवे क्रॉसिंग के पास बालू बावरी की हत्या की। अनिल के कहने पर रज्जाक अजमेरी की हत्या की। फरारी अनिल के पिपलियामंडी स्थित देसी शराब कलाली के पास स्थित ऑफिस में काटता था। पहली हत्या में किसी प्रकार के रुपए नहीं मिले। बाद में 30 हजार रुपए मिले। डोडाचूरा में लेनदेन को लेकर विवाद के बाद लालाओं ने त्रिवेदी की हत्या की प्लानिंग की। जानकारी किसी ने लालाओं को दे दी। इसके बाद अनिल ने आक्या व सरसौद के बीच मुझ पर गोली चलवा दी। जब अनिल से मिलने गया तो उसने इनकार कर दिया। इससे मुझे उस पर शंका हुई और मैंने उसे मारने का फैसला कर लिया। अखेपुरा(प्रतापगढ़) के लालाओं ने उससे कहा हम अनिल को लाकर देते हैं, तू अपना बदला ले लेना। 2010 में साथी वसीम के साथ मिलकर अमलेश्वर फंटे पर अनिल की हत्या की। घटना में अनिल के साथ कमल सिंह भी मारा गया। घटना के बाद लालाओं ने नाम उजागर कर दिया। तब से प्रतापगढ़ जेल में हूं। साल 2011 में एक विवादित जमीन खरीदी जिसमें लाभ के 3 लाख रुपए मिले। उन्हीं रुपयों से दलौदा वाली जमीन खरीदी। बाद में सौदा 50 लाख रुपए में आजम से किया। आजम ने टुकड़ों में 25 लाख रुपए दिए। इसका रिकॉर्ड है।

इन हत्याओं में है हाथ
आरोपी ने बालू बावरी, रज्जाक अजमेरी, अनिल त्रिवेदी व कमल सिंह, बालू आंजना व सिराज की हत्या की। इसके अलावा कोमल बाफना, गोपाल सोनी पर गोली चलाई।

हराम मानते हैं मेरी कमाई
बाबू ने बताया परिवार वाले मेरी कमाई को हराम मानते हैं। वह मेरे रुपए नहीं लेते। आप विश्वास करो मेरे पिता आज भी मजदूरी करते हैं। वे बहुत अच्छे पेंटर है इसलिए सिंहस्थ में हमेशा उन्हें ही काम मिलता है। इस साल भी मेरे भाई और पिता उज्जैन स्थित राधा कृष्ण मंदिर में मजदूरी कर रहे हैं। मेरी बेटी व प|ी उज्जैन में किराए के मकान में रह रहे हैं। इसलिए अब मैं भी फिरोती और हत्या का काम नहीं करता।

बाबू फकीर

ठन्ना हत्याकांड को लेकर झूठ बोल रहा
टीआई परिवार के अनुसार पहले दौर की पूछताछ में बाबू ने ठन्ना हत्याकांड से खुद को अलग बताया है। आरोपी बहुत शातिर है और झूठ बोल रहा है। अन्य आरोपियों से आमना-सामना करवाएंगे तो और जानकारी सामने आएगी। 13 फरवरी तक हम हमारी कस्टडी में है।

त्रिवेदी पर इसलिए शंका
त्रिवेदी संग रहते हुए उसकी बारीकियां पता चल गई थी। वह जब भी किसी की हत्या करवाता तो खुद की सिक्योरिटी बढ़वा लेता। मुझ पर गोली चलने के बाद जब उसके पास गया तो उसकी सुरक्षा बढ़ी हुई देखकर मुझे उसी पर शंका हो गई।

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