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पीपीपी प्रोजेक्ट कोे मिले 10 करोड़ रुपए तक के अधिकार

5 वर्ष पहले
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पंचायती राज संस्था व निकायों को अधिकार संपन्न बनाने के लिए पीपीपी प्रोजेक्ट को स्वीकृति के लिए 10 करोड़ तक अधिकार जिला प्रशासन को दिए जाए। निकाय की संपत्ति के विक्रय पर स्टाम्प शुल्क में रियायत देना चाहिए। वित्त आयोग को निकायों को अधिकार संपन्न बनाना चाहिए।

राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष हिम्मत कोठारी द्वारा गुरुवार को ली बैठक में ऐसे महत्वपूर्ण सुझाव आए। जिला पंचायत सभाकक्ष में कोठारी ने पंचायत व निकाय जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं पर विचार किया। कोठारी ने कहा निर्वाचित जनप्रतिनिधि अपने गांव, शहर और क्षेत्र के विकास की खुद में ललक पैदा करें। अलग अलग सत्रों में जिला पंचायत, जनपद, नगरपालिका, नगर परिषद के अधिकारी-जनप्रतिनिधियों से उन्होंने चर्चा कर सुझाव लिए। बैठक में विधायक यशपालसिंह सिसौदिया, वित्त आयोग सदस्य डीएस चौधरी, मलय द्विवेदी, कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह, सीईओ जिला पंचायत रानी बाटड़, नगरपालिका अध्यक्ष प्रहलाद बंधवार, जिला पंचायत सदस्य अंशुल बैरागी, पूनमचंद गनेतिया सहित अन्य मौजूद थे।

ं अधिकारियों की बैठक लेते वित्त आयोग अध्यक्ष कोठारी।

सीतामऊ जनपद और नप पहुंच ऑडिट के बारे में जाना
राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष कोठारी व आयोग सदस्य बैठक के बाद सीतामऊ में जनपद पंचायत व परिषद कार्यालय पहुंचे। ऑडिट के बारे में पूछा। गांवों में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने के साथ निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान रखने को कहा। नप कार्यालय में करारोपण, वसूली, निर्माण कार्य संबंधी जानकारी ली। जन्म व मृत्यु पंजीयन के बारे में जानकारी ली। इसके बाद वे पंचायत तितरोद व घसोई पहुंचे। मनरेगा के तहत हो रहे कामों की जानकारी ली। शाम को पंचायत धुंधड़का व दलौदा का निरीक्षण किया। कोठारी ने बताया चौदहवें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार वित्त आयोग द्वारा प्रदत्त राशि का उपयोग गांवों में बुनियादी सुविधाओं, विस्तार पर खर्च की जाना है। फाइनेंशियल ऑडिट कराने को कहा।

जनप्रतिनिधियों के पद के अधिकार, मानदेय, ऋणानुदान स्वेच्छानुदान बढ़ाए जाए।

पंचायत क्षेत्र में बड़े विकास कार्यों को स्वीकृत किया जाए।

पंचायत व निकायों को करारोपण के अधिकार बढ़ाए जाए। अनुदान बढ़ाया जाए।

निकाय प्रशासन को संपत्ति हस्तांतरण के लिए मिले 50 हजार तक अधिकार को 2 करोड़ तक किया जाए।

पीपीपी की 10 करोड़ तक की योजनाओं की स्वीकृति के अधिकार कलेक्टर को दिए जाए। अभी ऐसे प्रोजेक्ट की स्वीकृति संबंधित विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा होती है। इससे योजनाएं लेट होती है।

निकाय आय अर्जन के लिए संपत्ति का विक्रय करता है स्टांप शुल्क से राहत दी जाए।

ये आए महत्वपूर्ण सुझाव
निकाय प्रतिनिधियों व अधिकारियों से वित्त आयोग की बैठक में मिले सुझावों को वित्त आयोग को सौंपा जाएगा। निकायों को अधिकार संपन्न बनाने और वित्तीय रूप से मजबूत करने के सुझावों अमल पर अमल का भरोसा भी बैठक में कोठारी ने दिया जिसमें निकाय जनता के विश्वास पर बेहतरी से काम कर सकें।

सुझाव से वित्त विभाग को अवगत कराएंगे
बैठक में सुझाव
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