- Hindi News
- शहरवासियों को भारी वाहनों से मिलेगी मुक्ति
शहरवासियों को भारी वाहनों से मिलेगी मुक्ति
आनेवाले समय में शहरवासियों को भारी वाहनों से मुक्ति मिल जाएगी। इसके लिए प्रशासन द्वारा भारी वाहनों के दबाव को कम करने के लिए शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक बाइपास मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। जिससे दूसरे जिलों से आने वाले भारी वाहन शहर के बाहर से ही निकल जाएंगे।
इससे एक तो शहर के यातायात में सुधार होगा दूसरी ओर हादसों पर भी लगाम लग सकेगी। गौरतलब हो कि दमोह जिले से अन्य जिलों के लिए जाने वाले मार्गों का निर्माण अंतिम दौर में चल रहा है। अधिकांश मार्ग तैयार भी हो चुके हैं। वहीं कुछ मार्ग का निर्माण आने वाले महीनों में पूरा हो जाएगा।
ऐसे में शहर के अंदर आने वाले वाहनों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। जिससे सड़कों के आजू-बाजू भारी वाहन खड़े रहने से हादसे भी बढ़ रहे हैं। भविष्य यह समस्या और भी बढ़ेगी। जिसके चलते प्रशासन द्वारा बाइपास का निर्माण कराया जा रहा है। ताकि भारी वाहनों को शहर के बाहर से ही निकाला जा सके। गौरतलब हो कि बाइपास का निर्माण होने के बाद सागर, जबलपुर, कटनी, छतरपुर पन्ना के मार्ग शहर के बाहर से ही एक दूसरे से जुड़ जाएंगे।
कटनीसे जुड़ेगा सागर मार्ग
संभागीयकार्यालय सागर से आने वाले भारी वाहनों को सीधे कटनी मार्ग से जोड़ने के लिए टू-लेन बाइपास का निर्माण शुरू हो चुका है। इस मार्ग को सागर नाका पावर ग्रिड के सामने से चौपराखुर्द, मारूताल से होते हुए जबलपुर हाइवे इसके आगे से सीधे समन्ना गांव के पहले जोड़ा गया है। इससे कटनी सागर की ओर से आने वाले भारी वाहन शहर के बाहर से होते हुए निकल जाएंगे। हाल ही में इस मार्ग का आधा काम हो चुका है। एक साल के अंदर इसे पूरा कर लिया जाएगा। गौरतलब हो कि एमपीआरडीसी सागर डिवीजन द्वारा दमोह-कटनी हाइवे का निर्माण 250 करोड़ की लागत से कराया जाता है। इसी योजना के तहत कलेक्टर की पहल पर कंपनी द्वारा वायपास का निर्माण कराया जा रहा है। एमपीआरडीसी के प्रबंधक गोपाल सिंह ने बताया कि कटनी-सागर मार्ग के बाइपास का निर्माण चल रहा है। कटनी सड़क निर्माण के साथ बाइपास का काम भी तेजी से चल रहा है।
सागरसे मिलेगा छतरपुर पन्ना मार्ग
इमलाईसीमेंट फैक्ट्री छतरपुर पन्ना मार्ग की ओर से आने वाले भारी वाहनों के दबाव को कम करने के लिए प्रशासन द्वारा सागर नाका अन्नपूर्णा कॉलोनी से बाइपास मार्ग बनाया जाना है। इस मार्ग पर शासन द्वारा रेलवे ओवर ब