- Hindi News
- शहर में जल संकट के बीच हो रही पेयजल की बर्बादी
शहर में जल संकट के बीच हो रही पेयजल की बर्बादी
पाइप लीकेज होने से आगे नहीं पहुंच रहा पानी
नगरमें एक ओर पानी के लिए लोग हैरान परेशान है, तो वहीं कई स्थानों पर लाइन लीकेज होने के कारण पानी सड़कों पर बह रहा है। लाइन लीकेज होने के कारण आगे पानी नहीं पहुंच पा रहा है जिसके कारण कई जल उपभोक्ता भी परेशान है। चंडी जी वार्ड में फोर लाइन निर्माण के कारण पाइप लाइन उखाड़ी गई थी। जिसके कारण चंडी जी मंदिर वाली लाइन के नल विगत कई माह से बंद पड़े है। सौ अधिक जल उपभोक्ताओं को टेंकर से पानी प्रदाय किया जा रहा है। कमलेश चक्रवर्ती, राजू, अरविंद, गोपाल, हरेंद, पंकज, करीम खान ने बताया जब से फोरलेन का प्रारंभ हुआ था, उसी दौरान पाइप लाइन उखड़ गई थी, तब से लेकर आज तक जल सप्लाई प्रारंभ नहीं हो पाई है।
वहीं मंदिर मस्जिद चौराहा पर नल खोलने बंद करने लगी चाबी में खराबी होने के कारण यहां से पानी लीकेज होता रहता है, यह पानी पूरे चौराहे पर फैलता है। कचहरी, बाजार तिराहा पर एक गली में गए निजी कनेक्शन लीकेज होने के कारण जब तक लाइन चालू रहती है तब तक पानी बहता रहता है। वही बस स्टेंड की कुछ होटल पर मुख्य लाइन से कनेक्शन होने के कारण 24 घंटे इन होटलों से पानी बहता रहता है। और आगे पानी सप्लाई में बाधा उत्पन्न करते हैं। पुरानी अस्पताल लाइन में सब्जी आढ़त के पास, पीडब्लुडी एवं बस स्टैंड के कुछ उपभोक्ताओं के नल लीकेज होने के कारण आगे तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जहां तहां पानी पहुंच भी रहा है वहां पानी की गति बहुत धीमी है। राजेश, मुकेश, बबलू, नीरज जैन ने जहां पाइप लाइनों से पानी बह रहा है वहां कार्य कराकर पानी के बहाव को रोकने की मांग की है।
नगर पालिका के राजस्व निरीक्षक आरएस व्यास ने बताया कि अधिकांश निजी कनेक्शन के पाइप लाइन लीकेज है उन्हें कई बार सूचना भेजी जा चुकी है, जहां नपा की पाइप लाइन लीकेज है वहां सुधार कार्य हो रहा है। चंडी जी लाइन का भी कार्य प्रगति पर है।
दमोह। सार्वजनिक स्थानों पर लगे नलों में टोटी होने से दिन भर बर्बाद होता रहता है पानी।
दमोह। सड़क धोकर पानी की बर्बादी करते लाेग।
हटा। पाइप लाइन लीकेज होने से बह रहा पानी।
दमोह। शहर में बारिश कम होने से पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची है। लेकिन अधिकारियों कर्मचारियों की लापरवाही के कारण सप्लाई को चालू करके छोड़ दिया जाता है। जिससे कई इलाकों में घंटो तक पानी बर्बाद होता रहता है। कहीं