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गाय की रक्षा और धर्मांतरण रोकना हमारा अधिकार है : अखिलेश्वरानंद
शहरके रेस्ट हाउस स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में रविवार को विराट जिला स्तरीय हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। विश्व हिंदू परिषद की स्थापना के स्वर्ण जयंती वर्ष के मौके पर आयोजित इस सम्मेलन की धर्मसभा के मुख्य वक्ता हरिद्वार से आए महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद थे। महामंडलेश्वर ने यहां कहा कि गौहत्या और धर्मांतरण रोकना हर हिंदू का मौलिक अधिकार है। भगवान श्रीराम और कृष्ण के देश में गाय नहीं कटने दी जाएंगी। मप्र में गाैहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है, लेकिन कानून का जमीनी क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। स्वामी अखिलेश्वरानंद ने अपने एक घंटे के उदबोधन में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण, आतंकवाद, मुस्लिम तुष्टीकरण सहित कई राष्ट्रीय मुद्दों पर बेबाकी से बात रखी।
उन्होंने कहा राममंदिर के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट से जल्द ही राहत देने वाली खबर आएगी। दूसरा रास्ता संसद में कानून बनाकर मंदिर निर्माण की राह आसान करने का भी है। देश के साधू-संत विहिप के माध्यम से सर्वमान्य हल के लिए ही हिंदू सम्मेलन जैसे आयोजन कर रहे हैं। उन्होंने एक अन्य मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए कहा कि भारत के संविधान पर बोलने का अधिकार ओबामा को नहीं है।
मुस्लिम तुष्टीकरण की चर्चा के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए कहा कि मोदी जी को यह नहीं भूलना चाहिए कि संतों के प्रस्ताव पर ही धर्मसंसद में उन्हें प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प पारित किया गया था। उन्होंने कहा कि भारत देश में धर्मनिरपेक्षता का प्रयोग कभी सफल नहीं होगा। हमें तो नरेंद्र दामोदर मोदी ही चाहिए है। दमोह में गौहत्या के बढ़ते मामलों पर महामंडलेश्वर ने कहा कि गाय की रक्षा करना हर हिंदू का मौलिक अधिकार है। मप्र में गौवध पर पूर्ण प्रतिबंध है। लेकिन यदि यहां का शासन-प्रशासन गौवध पर रोक नहीं लगाता तो बजरंगियों को गोपाल सेना बनाकर हाथ में लाठी उठानी पड़ेगी। हिंदू सम्मेलन का शुभारंभ सुंदरकांड पाठी और भारतमाता पूजन-आरती नृत्य से हुआ। क्षेत्रीय धर्मप्रसार प्रमुख पं. जुगराजधर द्विवेदी ने दमोह जिले में मिशनरी द्वारा किए जा रहे धर्मांतरण और गौहत्या के मुद्दे पर खुलकर बोला।
इस मौके पर आरएसएस के विभाग कार्यवाह रामलाल पटेल, मंडलेश्वर अमृतदास, लालबहादुर, राजेश तिवारी, रामलाल, रमाशंकर ताम्रकार ने भी विचार रखे। सम्मेलन में हिंदू त्योहार उत्सव मनाने वाले समाजसेवियों और अतििथयों को शाल-श्रीफल से सम्मानित किया गया। संचालन राजेश ताम्रकार ने किया। आभार श्रीराम पटेल ने जताया। कार्यक्रम में राजेन्द्र ताम्रकार बाबा, बलवान सिंह, शशिकांत असाटी, शरद भारद्वाज, विक्रांत गुप्ता, पं. हेमंत पाठक, पवन रजक, नरेन्द्र सेन, राजेश चौरसिया, नगर पालिका अध्यक्ष मालती असाटी, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष कमलेश भारद्वाज, जिला प्रचारक अखलेश सहित सहित जिले भर से आए सैकड़ों लोग मौजूद थे।
हिंदू सम्मेलन में मौजूद दो साध्वियों ने नारी शक्ति को लेकर आेजस्वी भाषण दिए। प्रज्ञाधाम कटंगी आश्रम की विभानंदगिरी दीदी ने लव-जेहाद के मुद्दे पर खुलकर बोला। उन्होंने कहा कि लव-जेहाद देश के लिए ऐसा खतरनाक कैंसर है कि उसमें पीड़ियां ही नष्ट हो जाने वाली हैं। माता-पिता को अब बच्चियों की परवरिश ऐसी करनी होगी कि लड़कियों को कालेज के बाहर से उठाकर काेई ले जा सके। माताओं को टीवी से दूर रहकर बेटियों और बेटों को संस्कार देने होंगे। सम्राट अशोक, चंद्रशेखर, दुर्गावती, लक्ष्मी, अहिल्या जैसी संतानों को गढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को चित्त और चरित्र दोनों गढ़ने होंगे, इसके बाद सभी समस्याओं का हल निकल आएगा। शहर के बूंदाबहु मंदिर में भागवत कथा वाचन करने आई साध्वी प्रियांशी देवी ने नारी शक्ति पर संबोधन दिया।
महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद
शहर में रविवार को विश्व हिंदू परिषद के जिला स्तरीय हिंदू सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही।