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जिस पर हुआ जुर्माना उसी काे मिल गया सम्मान

7 वर्ष पहले
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लोकसेवाकेंद्र दमोह के जिस प्रबंधक पर करीब दस माह पहले 66 हजार 750 रुपए का जुर्माना हुआ है और 10 से अधिक नोटिस काम में लापरवाही के लिए मिले हैं, उसी व्यक्ति को लोकसेवा दिवस पर भोपाल में गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम से सम्मानित करा दिया गया है। जबकि दमोह लोकसेवा केंद्र में अब भी शासन के आदेशों के अनुरूप काम नहीं किया जा रहा है और लगातार गड़बड़ियों की शिकायतें रहीं हैं। इसके बाद भी प्रदेश स्तर पर सम्मान के लिए किस आधार पर उनके लिए अनुशंसा कर दी गई, इसका जवाब किसी के भी पास नहीं है।

लोकसेवा दिवस पर मप्र सरकार ने गुरुवार को भोपाल के लोकसेवा भवन में सम्मान का कार्यक्रम रखा था। इस मौके पर प्रदेश के 366 लोकसेवा केंद्रों में से उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 केंद्रों को सम्मानित किया गया है। दमोह लोकसेवा केंद्र के प्रबंधक रमाकांत गोस्वामी ने विभाग के चक्रेश पटेल, गोविंद पटेल, प्रशांत खरे, हाकम श्रीवास्तव के साथ भोपाल जाकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, मंत्री भूपेंद्र सिंह, गौरीशंकर विसेन, सांसद आलोक संजर के हाथों एक्सीलेंस अवाॅर्ड प्राप्त किया। कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह की अनुशंसा पर ही दमोह लोकसेवा केंद्र को सम्मान के लिए चुना गया है। जबकि 10 माह पहले ही कलेक्टर ने रमाकांत गोस्वामी पर जुर्माना किया था और पिछले एक साल में उन्हें कामकाज में लापरवाही के कारण 10 से ज्यादा नोटिस भी थमाए जा चुके हैं। रमाकांत गोस्वामी का कहना है कि उन पर जो जुर्माना हुआ था उसके खिलाफ वे कलेक्टर के यहां अपील कर चुके है। अपील खारिज होने के बाद अब सागर कमिश्नर के यहां अपील की है।

गोस्वामी का कहना है कि पहले ऐेसे मौखिक आदेश आए थे कि एक ही कागज पर प्रमाण पत्र बनाकर देना है। बाद में लिखित में आदेश आए कि अलग-अलग कागज पर छपवाकर जाति प्रमाण पत्र देना है। पहले के जिनके आवेदन थे, उन्हें एक ही कागज पर प्रमाण पत्र दे दिए गए हैं। नए प्रमाण पत्र छपवाने के बाद अलग-अलग दिए जाएंगे। यदि कोई चाहे तो दोबारा से उन्हें अलग-अलग प्रमाण पत्र दे दिए जाएंगे। अगर प्रमाण पत्र छपने का इंतजार करते तो लोगों के प्रमाण पत्र बनने का काम लंबित हो जाता।

जुर्मानाहुआ था पर कमिश्नर के यहां अपील हुई है

^रमाकांतगोस्वामी पर मेरे द्वारा जुर्माना किया गया था। उनके द्वारा मेरे यहां अपील किए जाने पर उसको खारिज कर दिया था। अब उन्होंन