वेतन के अलावा अन्य भुगतानों पर लगी रोक
परदेसमें बने वित्तीय संकट का असर दमोह जिले पर भी पड़ा है। राज्य शासन द्वारा वेतन के अलावा अन्य सभी भुगतानों पर रोक लगा दी गई है। ऐसे में विकास कार्यों प्रभावित तो होंगे ही साथ ही कंटनजेंसी के रूप में कार्य कर रहे कर्मचारियों के वेतन पर भी रोक लगाए जाने से वह चिंतित दिखाई दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार जिले में 7 हजार 500 रेगुलर कर्मचारी हैं। जिन पर हर माह करीब 25 करोड़ रुपए वेतन का भुगतान किया जाता है। शासन द्वारा इनके वेतन भुगतान के अलावा अन्य किसी भी तरह के भुगतान पर रोक लगाई गई है। वहीं दूसरी ओर करीब 4 हजार कंटनजेंसी कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर कोई आदेश नहीं हैं। ऐसे में वह कर्मचारी परेशान हैं। क्योंकि आने वाले समय में त्यौहार भी चल रहे हैं। गौरतलब है कि वित्त विभाग द्वारा 27 से 30 सितंबर की शाम 5 बजे तक केवल विभागीय कर्मचारियों के वेतन देयक प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं। वित्तीय संतुलन ठीक होने के बाद भुगतान की स्थिति सामान्य हो जाएगी। पिछले दस सालों के दौरान यह पहला मौका है जब प्रदेश में इस तरह की स्थिति उत्पन्न हुई है।
इस संबंध में जिला कोषालय अधिकारी आरके मिश्रा ने बताया कि वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए वित्त विभाग द्वारा 30 सितंबर तक देयक के अलावा अन्य भुगतान पर रोक लगाई गई है। एक अक्टूबर से स्थिति सामान्य हो जाएगी। सभी कर्मचारियों को वेतन का भुगतान होगा। अन्य भुगतानों पर भी जल्द ही रोक हटने की संभावना है।