- Hindi News
- पंच सरपंच के लिए मुहर, जिला जनपद सदस्य के लिए ईवीएम से होगा मतदान
पंच-सरपंच के लिए मुहर, जिला- जनपद सदस्य के लिए ईवीएम से होगा मतदान
नगरीयनिकाय चुनाव के निपटने के बाद अब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। जिले की 461 ग्राम पंचायतों के 1346 मतदान केंद्रों में अगले माह चुनाव होना है। जिसके चलते निकाय चुनाव से फुर्सत पाते ही प्रशासनिक अमला पंचायत चुनाव की तैयारी में जुट गया है। इधर गांव से राजनीति की शुरुआत करने वाले लोग भी समीकरण बनाने में जुट गए है। खासकर चुनाव लड़ने वाले लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
जिला निर्वाचन पर्यवेक्षक अनिल दुबे ने बताया कि पंचायत चुनाव के चलते प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां शुरु कर दी है। जल्द ही अधिकारियों कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। पंचायत चुनाव में सबसे ज्यादा सुरक्षा को लेकर मशक्कत होगी। इस लिहाज से पुलिस विभाग भी तैयारी में जुटा है। बताया गया है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव संभवत: जनवरी-फरवरी के दौरान होंगे। इसके लिए निर्वाचन आयोग द्वारा दिसंबर माह के आखिर तक चुनाव कार्यक्रम घोषित करते हुए आचार संहिता लग सकती है। मतदान केंद्रों की संख्या अधिक होने के कारण पंचायत चुनाव तीन चरणों में पूरा किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार अगले माह होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में हर मतदाता को दो बार ईवीएम में बटन दबाएगा, वही दो बार ठप्पा भी लगाना होगा। जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य का मतदान ईवीएम से होगा जबकि सरपंच पंचों के लिए मतपत्रों का ही उपयोग किया जाएगा। इसके पहले मात्र पंच पद के लिए ही मतपत्र से चुनाव होना था लेकिन नई ईवीएम की कमी के चलते अब जिला जनपद सदस्य का चुनाव ही ईवीएम से होगा। ईवीएम से मतगणना अलग होगी और सरपंचों पंचों के लिए डाले गए मतों की गणना मतदान समाप्ति के बाद ही मतदान केंद्र पर हो जाएगी।
चुनौतीभरा होगा चुनाव
पंचायतचुनाव को लेकर अब प्रशासन को फिर से चुनौती का सामना करना पड़ेगा। इसकी वजह यह है कि चुनाव की समाप्ति पर मतगणना होगी और वहां पर विवाद की स्थिति बनेगी। दरअसल सरपंच पद के लिए चुनाव के तुरंत बाद ही मतगणना करवा ली जाती है। चूंकि मतपत्र से चुनाव करवाए जाते हैं इससे विवाद की स्थिति बन जाती है। खासकर वैध अवैध मत को लेकर दोनों ही पक्ष खींचतान करते रहते हैं। ईवीएम का प्रावधान हटते ही इस तरह के संकट का सामना करना पड़ेगा। इसके लिए प्रशासन को अतिरिक्त रूप से तैयारी भी करना होगी।
वहीं अब प्रशासन को नए सिर से मतपेटियों के लिए