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12 केंद्रों पर 4366 परीक्षार्थियों ने दी परीक्षा
शहरमें कड़ाके की ठंड और रिमझिम बारिश के बीच रविवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा हो गई। शहर के 12 परीक्षा केंद्रों पर दो चरणों में हुई इस लिखित परीक्षा में 4 हजार 266 महिला परीक्षार्थी बैठी। पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा के चलते शहर में दिनभर गहमागहमी रही। परीक्षार्थियों का उत्साह ठंड पर भारी नजर आया।
रविवार को सुबह 9 बजे से शहर के 12 परीक्षा केंद्रों पर महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा हुई। इस परीक्षा में 4 हजार 493 परीक्षार्थी बैठनी थीं। लेकिन 227 परीक्षार्थी किसी कारण से पेपर नहीं दे सके। दूसरी पाली में दोपहर 2 बजे से कुछ केंद्रों पर परीक्षा हुई जिसमें 375 में से 365 परीक्षार्थी परीक्षा देने पंहुची। 10 अनुपस्थित रहीं। सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्वक हो गई।
सुबह से ही तेज बारिश और कोहरा शीतलहर चलने के बाद भी महिलाएं, युवतियां इस परीक्षा में शामिल होने भीगते हुए पंहुची। दोपहर 12 बजे पेपर खत्म होने के बाद परीक्षा केंद्रों के बाहर जाम जैसे हालात बन गए। शासकीय केएन कालेज, नवजाग्रति स्कूल, गुरूनानक स्कूल, ओजस्विनी कालेज सहित विभिन्न परीक्षा केंद्रों के बाहर लोगों की भारी भीड़ लगी रही। हालांकि आधा घंटे बाद सभी जगह स्थिति सामान्य हो गई। उधर भर्ती परीक्षा का पेपर सरल आने के कारण परीक्षार्थी खुश चेहरे लेकर केंद्रों से बाहर निकले।
अंदरप|ी तो बाहर पति-पिता की परीक्षा : रविवारको पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों के बाहर रोचक नजारे देखने को मिले। महिलाएं अंदर परीक्षाएं देने गई थीं, तो बाहर उनके पति, पिता और ससुर उनके बच्चों को संभाल रहे थे। ठंड के बीच तीन घंटे तक बच्चों को संभालना पतियों के लिए किसी परीक्षा से कम नजर नहीं आया।
पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा में कई छात्राएं तकनीकि कारणों से परीक्षा देने से वंचित रह गईं। तो कुछ देर से आने के कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो पाई। नवजाग्रति स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र पर सुबह की पाली में मोहनी जैन, पुष्पा राजपूत और प्रियंका ठाकुर पेपर देने से वंचित रह गईं। यह छात्राएं अपने एडमिट कार्ड में फोटो अटेस्टेड कराकर नहीं लाईं थी तो इनमें से एक छात्रा बिना पहचान पत्र के ही चली आई थीं। परीक्षा को लेकर व्यापम के सख्त नियमों के कारण बिना पूरे दस्तावेज के किसी भी परीक्षार्थी को परी