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बच्चा वार्ड के सामने बनाया स्वाइन फ्लू वार्ड

6 वर्ष पहले
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दमोह|जिले मेंस्वास्थ विभाग के अभियान दिखावटी साबित हो रहे हैं। जिला अस्पताल में मंगलवार को नेशनल डिवार्मिंग डे पर एलबेंडाजोल की गोली वितरण के लिए स्टॉल लगाया गया था। कार्यक्रम का शुभारंभ होने के बाद यहां गोलियां का वितरण बंद हो गया। मौके पर मौजूद लिपिक ने अपनी ड्यूटी होने से इनकार करते हुए लोगों को गोलियां तक देने से मना कर दिया। ऐसे में नेशनल डिवार्मिंग डे के औचित्य पर ही सवाल खड़ा हो गया है। जिले में 11 से 14 फरवरी तक एलबेंडाजोल की गोली वितरण किया जाना है। इसके लिए मंगलवार काे जिला अस्पताल में नेशनल डिवार्मिंग डे मनाया गया था। इसके लिए पंडाल लगाकर जोर-शोर से गोली वितरण का अभियान शुरू किया गया। सीएमएचओ सहित डाक्टरों ने खुद गोलियां खाई और पूरा पंडाल सिविल सर्जन कार्यालय में पदस्थ लिपिक भरत दुबे के भरोसे छोड़कर चले गए। दोपहर 12 बजे लिपिक कुर्सी पर बाहर बैठ गए और गोलियां लेने आने वाले लोगों को ऐसे ही चलता कर दिया। गोलियां लेने बेटे निहाल को लेकर आई शीला मिश्रा और मौसिन को लेकर आई बजरिया वार्ड की विस्सा बेगम ने बताया कि पंडाल देखकर वे यहां रुकी और यहां बैठे बाबू से इसके बारे में पूछा लेकिन उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार करते हुए यह कहकर चलता कर दिया कि उनकी यहां ड्यूटी नहीं है, वे तो ऐसे ही बैठे हैं। इनके अलावा अन्य लोगों को भी बिना दवा के ऐसे ही लौट जाना पड़ा। लिपिक भरत दुबे का कहना था कि उनकी यहां ड्यूटी नहीं थी। सीएमएचओ सर उन्हें यहां बैठा गए हैं। सीएमएचओ डॉ. ओपी गौतम का कहना है कि जिला अस्पताल के कर्मचारी काम में लगातार लापरवाही कर रहे हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंगलवार को एसडीएम मनोज ठाकुर ने जिला अस्पताल में बनाए गए स्वाईन फ्लू कक्ष का निरीक्षण किया।

भास्कर संवाददाता| दमोह

जिलेमें स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आने के बाद जिला प्रशासन भले ही गंभीर हो गया है। लेकिन स्वास्थ विभाग अब भी लापरवाही बरत रहा है। मंगलवार को कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम दमोह स्वाइन फ्लू वार्ड का निरीक्षण करने जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन यहां वे यह देखकर हैरान रह गए कि स्वाइन फ्लू जैसी संक्रामक बीमारी का वार्ड बच्चा वार्ड के ही सामने बना दिया गया। एसडीएम ने डाक्टरों से चर्चा के बाद वार्ड का स्थान बदलने के लिए कहा है। उधर मंगलवार को स्वाइन फ्लू वार्ड में जांच किट से लेकर दवाओं तक की व्यवस्था हो गई है। हालांकि इस बीच अब तक यहां कोई मरीज नहीं पहुंचा है। जिला प्रशासन ने स्वास्थ विभाग को अलर्ट किया है कि वे स्वाइन फ्लू को लेकर सतर्क रहें।

मंगलवार को एसडीएम मनोज कुमार ठाकुर ने स्वाइन फ्लू से बचाव एवं इलाज की तैयारियों के संबंध में जिला अस्पताल में बनाए गए स्वाइन फ्लू वार्ड का जायजा लिया। एसडीएम ने जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू इलाज के लिए बने आइसोलेशन वार्ड, टेमीफ्लू दवाइयां, जांच किट, स्वाव सेंपल लेने के लिए किट, मास्क, गाऊन का अवलोकन किया और डॉक्टर्स को निर्देश दिए कि गरीब व्यक्तियों को पर्याप्त मात्रा में इलाज उपलब्ध हो। उन्होंने अस्पताल में साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि बच्चा वार्ड के सामने स्वाइन फ्लू वार्ड नहीं होना चाहिए। इसके लिए वे सीएमएचओ से बात करेंगे, कलेक्टर को भी अवगत कराएं। एसडीएम ने स्वाइन फ्लू वार्ड के अलावा जिला अस्पताल के अन्य वार्डों का भी निरीक्षण किया। एसडीएम ने स्वाइन फ्लू कक्ष, टीबी वार्ड, कुष्ठ बहु औषधि प्रणाली केंद्र, आयुष विंग, विकलांग पुनर्वास केंद्र, नि:शुल्क औषधि वितरण केंद्र सहित नई पुलिस चौकी का जायजा लिया। एसडीएम श्री ठाकुर नेशनल डिवार्मिंग डे पर एलबेंडाजोल की गोली वितरण के लिए अस्पताल लगाए गए स्टाल पर भी पहुंचे। इस अवसर पर जिला अस्पताल के जिला आईसी सलाहकार अमित ठाकुर भी मौजूद थे।

स्वाइनफ्लू वार्ड दूर बनाने के लिए कहा था

सीएमएचओडॉ. ओपी गौतम का कहना है कि उन्होंने स्वाइन फ्लू के लिए दूर अलग से वार्ड बनाने के लिए कहा था। लेकिन डॉ. प्रहलाद पटेल ने अपनी सुविधा के अनुसार वार्ड बना लिया है। फिर भी उसमें कोई दिक्कत नहीं है। यह वार्ड भी पूरी तरह से आइसोलेशन है और अभी कोई मरीज भी नहीं है। यदि कोई मरीज आता है तो नई जगह वार्ड शिफ्ट कर दिया जाएगा।