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147 साल बाद नगर पालिका को स्वयं का भवन नसीब होगा

6 वर्ष पहले
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नए भवन के लिए बनाई गई ड्रांइग पर की गई चर्चा

भास्करसंवाददाता | दमोह

पिछले147 साल से स्वयं के भवन को तरस रही नगर पालिका का अब स्वयं का भवन होगा। धर्मशाला भवन के पीछे 2 करोड़ की लागत सबसे आधुनिक भवन बनाया जाएगा। जहां पर नगर पालिका के सभी विभाग एक साथ कार्य करेंगे। भवन के लिए ड्राइंग भी तैयार हो चुकी है। मंगलवार को इस संबंध में बैठक आयोजित की गई। जिसमें नगर पालिका अध्यक्ष मालती असाटी, उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह चंदेल, सीएमओ सुधीर सिंह सिद्धार्थ मलैया सहित अन्य सभापतियों ने नए भवन के लिए बनाई गई ड्राइंग के संबंध में चर्चा की एवं भवन बनाने के लिए स्वीकृति दी।

सीएमओ सुधीर सिंह ने बताया कि नगर पालिका भवन वर्तमान में संचालित धर्मशाला कार्यालय के पीछे 40 बाई 70 मीटर क्षेत्र में बनाया जाएगा। इसकी लागत 2 करोड़ के आसपास आएगी। उन्होंने बताया कि आगामी समय में दमोह शहर की आबादी बढ़ने से नगर पालिका को नगर निगम बनाया जाएगा। इसके लिए एक बड़े भवन की भी आवश्यकता पड़ेगी। इसी बात को दृष्टिगत रखते हुए यहां भवन तैयार किया जाएगा। जिसमें राजस्व विभाग, बिजली विभाग, सफाई विभाग, जल विभाग सहित अन्य सभी विभाग एक ही कार्यालय में संचालित होंगे। उन्होंने बताया कि अब तक नगर पालिका का स्वयं का भवन हाेने के कारण यह यह कार्यालय शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। जिससे नागरिकों को अपनी समस्या के लिए यहां-वहां भटकना पड़ता है। लेकिन अब एक ही भवन में सभी कार्यालय संचालित होने से लोगों की परेशानी दूर हो जाएगी। उन्होंने बताया कि नए भवन के बजट के लिए राज्य शासन से मिलने वाले अनुदान, कर वसूली अन्य मद से राशि एकत्रित की जाएगी।

1867 में हुई थी स्थापना: दमोह नगर पालिका की स्थापना सन 1867 में अंग्रेजी शासनकाल में हुई थी। अपने स्थापना काल से लेकर अभी तक 147 साल बीत चुके हैं फिर भी नगर पालिका परिषद अभी तक अपने स्वयं के कार्यालय के लिए भवन नहीं बना पाई। वर्तमान में नगर पालिका का मुख्य कार्यालय स्टेशन के समीप अंग्रेजी शासनकाल में निर्मित धर्मशाला भवन में चल रहा है। यहां के कमरे इतने हैं कि वह टेबल-कुर्सी में ही भर जाते हैं। जगह की कमी के चलते वर्तमान में नगर पालिका के विभिन्न विभाग शहर के तीन अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रहे हैं। जिनमें महिला बसती गृह में बिजली विभाग कंप्यूटर विभाग, टाउन हाल में सफाई विभाग संचालित है। जिससे यहां आने वाले लोगों को परेशानी होती है। आश्चर्य की बात तो यह है कि इतने समय के बाद भी तो अधिकारियों ने और ही यहां के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने इस ओर ध्यान दिया। इस संबंध में भास्कर ने 16 जनवरी को प्रमुखता के साथ समाचार प्रकाशित किया था।