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रजिस्ट्रेशन 24, हाजिरी 21, ट्रेनिंग केवल 5 की
शहरके बालाकाेट रोड पर एक प्राइवेट बिल्डिंग में चल रहे एसबीआई के ग्रामीण स्वरोजगार संस्थान (आरसेटी) में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा हो रहा है। यहां चल रही मोटर वाईंडिंग की ट्रेनिंग में हर दिन केवल 5-6 प्रशिक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, लेकिन हाजिरी 20 से 24 लोगों की लगाई जा रही है। 30 दिन की इस ट्रेनिंग के लिए यहां जिले के ग्रामीण क्षेत्र के 24 बेरोजगार युवाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया है। भोजन, चाय, नाश्ता से लेकर ट्रेनिंग तक के सभी रिकाॅर्ड में 24 प्रतिभागी ही उपस्थित दर्शाए जा रहे हैं, जबकि ट्रेनिंग कक्ष में केवल 5 प्रशिक्षाणार्थी ही पहुंच रहे हैं। आरसेटी द्वारा प्रतिवर्ष एक साल के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के बीपीएल परिवारों के लोगों के लिए स्वरोजगार प्रशिक्षण के निशुल्क कार्यक्रम तैयार करता है, लेकिन हर ट्रेनिंग पर आने वाला खर्च भारतीय स्टेट बैंक दमोह उठाती है। प्रति प्रशिक्षार्थी पर एक दिन में ट्रेनिंग के दौरान 450 से 500 रुपए खर्च होते हैं। इस साल फरवरी से लेगर अगस्त तक 10 अलग-अलग ट्रेडों के स्वरोजगार प्रशिक्षण यहां हो चुके हैं। मार्च 2015 तक कुल 24 ट्रेनिंग प्रोग्राम यहां होने हैं। 28 सितंबर से आरसेटी में एक माह का विद्युत फिटिंग एवं घरेलू विद्युत उपकरण मरम्मत का प्रशिक्षण शुरू हुआ है। इसके लिए यहां 24 लोगों का पंजीयन करके उनकी ट्रेनिंग शुरू की गई। पहले ही दिन से इस ट्रेिनंग में आधा दर्जन युवा ही शामिल हो रहे हैं, लेकिन रिकार्ड में भोजन से लेकर चाय-नाश्ता और रात में रुकने वाले प्रतिभागियों की संख्या कई गुना अधिक दिखाई जा रही है। बुधवार को इस ट्रेनिंग में केवल छह लोग ही मौजूद थे, लेकिन हाजिरी 24 लोगों की दर्ज की गई। गुरुवार को एक संख्या कम हो गई और केवल पांच ही प्रतिभागी मौजूद थे। रात में रुकने वालों की संख्या 10 से 15 दर्शाई जा रही है, लेकिन आरसेटी कोई भी नहीं रुक रहा है। दैनिक भास्कर ने एक सप्ताह तक इस ट्रेनिंग प्रोग्राम पर नजर रखी। हर दिन 4 से 5 लोग ही मौजूद मिले। रात में संस्थान में ताला लगा मिला, लेकिन रिकाॅर्ड में दिन के समय 21 से 24 लोगों की हाजिरी लगाई गई और रात में आधा दर्जन प्रतिभागियों को ठहराना दर्शाया गया।
दोपहरबाद बंद हो जाती है ट्रेनिंग
आरसेटीमें सुबह 10 बजे के बाद ट्रेनिंग शुरू होती है और दोपहर का खाना होने के बाद ट्रेनिंग बंद हो जाती है। जबकि यहां जो