नरेश सिंह ठाकुर| दमोह
नरेश सिंह ठाकुर| दमोह
शहरमें सहकारी सोसायटियों से खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए हितग्राहियों को आधार कार्ड लिंक कराने पड़ रहे हैं। इसके लिए राशन दुकानदारों द्वारा हितग्राहियों से परिवार के प्रत्येक सदस्य के आधारकार्ड की फोटो काॅपी मांगी जा रही है। आधार कार्ड लिंक कराने के पीछे बॉयोमेट्रिक प्रणाली शुरू होने की बात कही जा रही है। सभी कार्डधारी आधार से लिंक होने के बाद बायोमेट्रिक प्रणाली से राशन का वितरण होगा। इसका काम जोर-शोर से चल रहा है।
राशन कार्डों के सत्यापन का कार्य भी तीव्र गति से चल रहा है। इसके लिए लोगों को परेशानी भी हो रही है। शहर में लगभग 32 हजार राशनकार्डधारी हैं इनमें से अब तक करीब 6 हजार कार्डों का सत्यापन हो सका है। हालांकि शहर के प्रत्येक राशन दुकान पर हितग्राहियों से आधार कार्ड की फोटो जमा कराई जा रही है। इसके लिए एक आवेदन भी दिया जा रहा है जिसमें हितग्राहियों से प्रत्येक सदस्य की जानकारी मांगी जा रही है। इसमें यह भी भर कर देना पड़ रहा है कि किस सदस्य के नाम से एलपीजी गैस कनेक्शन है और किस एजेंसी से कनेक्शन लिया है। सदस्यों के मोबाइल नंबर, आईडी नंबर भी दर्ज कराए जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में कुछ जिलों में बॉयोमेट्रिक पद्धति से राशन वितरण किया जा रहा है, जिसकी सफलता को देखते हुए अब सभी सोसायटियों में इस प्रणाली से राशन वितरण की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए हितग्राहियों से क्षेत्र की सोसायटी में आधार कार्ड की फोटो कापी जमा कराई जा रही है। इससे सोसायटियों के पास हितग्राही के अंगूठे के निशान और अन्य जानकारी का डाटा उपलब्ध हो जाएगा।
अभीसमय लगेगा
^शासनस्तर से बायोमेट्रिक प्रणाली के लिए राशनकार्डों को आधारकार्ड से लिंक कराया जा रहा है। आगामी दिनों में जिले में भी बॉयोमेट्रिक प्रणाली से खाद्यान्न वितरण शुरू किया जा सकता है। इसके लिए तैयारियों चल रही है। जैसे ही सभी कार्डधारी आधार से लिंक हो जाएंगे। योजना शुरू हो जाएगी। इसमें अभी कुछ महीने का समय लग सकता है। यदि जल्द कार्य पूरा हो गया तो अप्रैल से इस योजना को शुरू किया जा सकता है। केएनदुबे, जिला आपूर्ति अधिकारी दमोह