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सलैया चौबीसा गांव को हैजा प्रभावित माना

7 वर्ष पहले
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नोहटाक्षेत्र के ग्राम सलैया चौबीसा में डायरिया फैलने की खबर के बाद अब इस गांव की ओर प्रशासन का ध्यान गया है। करीब ढाई सौ से तीन सौ की संख्या में लोग बीमारी से पीड़ित होने के बाद इस गांव को स्वास्थ्य विभाग ने हैजा प्रभावित माना है। मेडिकल टीम के यहां पहुंचने के बाद अब रविवार को पीएचई विभाग के अधिकारियों की टीम ने भी शिविर लगाया और लोगों को शुद्ध पेयजल के सेवन तथा स्वच्छता के बारे में जागरुक किया।

पीएचई विभाग के आईईसी ओम प्रकाश सरैया, एचआरडी डॉ. मनोज राज, सहायक यंत्री जेके तिवारी, ब्लाक समन्वयक दीपिका सिंह, लैब असिस्टेंट महेन्द्र चौबे और हैंडपंप मैकेनिक राजकुमार अहिरवाल की टीम कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह के निर्देश पर सलैया चौबीस गांव पहुंची। इस टीम ने गांव का सर्वे करने के बाद पाया कि यहां खुले में नित्यक्रिया और दूषित पेयजल का सेवन करने को लेकर लोग जागरुक नहीं है। गांव के स्कूल और सार्वनजिक स्थलों पर नित्यक्रिया के कारण फैली गंदगी पालतु जानवरों के पैरों में लगकर लोगों के घरों और पेयजल स्रोतों तक पहुंचती है। इस टीम ने गांव का भ्रमण करने के बाद गांव के लोगों को बुलाकर बीमारी का कारण, बचाव के उपाय की विस्तार से जानकारी देते हुए उन्हें शुद्ध पेयजल के उपयोग करने की समझाइश दी।

जिस कुएं का पानी पेयजल के रूप में उपयोग किया जा रहा था वह पानी स्वास्थ्य के हिसाब से पीने योग्य नहीं पाया गया। जबकि ग्राम में दो हैंडपंप चालू हालत में मिले, जिनके पानी के उपयोग की सलाह गांव के लोगों को दी गई। गांव के प्राइमरी स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्र आरोग्य केन्द्र के पास लगे गुबार के ढेर को तत्काल हटवाने के निर्देश दिए गए। गांव के लोगों को सभी जगह क्लोरीन की लाइन बनवाने, पेयजल को उबालकर एवं छानकर पीने, वासा और रात के खाने का सेवन नहीं करने, पानी भोजन को ढंककर रखने की सलाह दी गई। साथ ही इस बात पर भी जोर दिया गया कि जब तक गांव में घर-घर में शौचालयों का निर्माण नहीं हो जाता तब तक नित्यक्रिया के लिए कम से कम गांव से दो किमी दूर जाएं। भोजन के पूर्व हाथों को राख या सावन से जरूर धोने, इस मौसम मे मछली का सेवन नहीं करने की समझाइश भी विभाग द्वारा दी गई। इस मौके पर ग्रामीणों को पानी को शुद्ध करने के लिए जर्मेक्स का वितरण किया गया तथा उसके उपयोग के बारे में समझाया गया।

दमोह। सलैया चौबीसा गांव में पीएचई