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लोग सालों से कर रहे वार्ड में पानी पहुंचने का इंतजार
शहरके मांगंजवार्ड नंबर 6 में रहने वाले लोग कई सालों से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। लगभग दो हजार की आबादी वाले वार्ड में पानी के लिए पाइप-लाइन तो बिछाई गई है लेकिन उसमें पानी नहीं आता है। वार्ड के लाेग पेयजल के लिए फिल्टर प्लांट जाते हैं या फिर सप्लाई चालू होने पर दूसरे वार्डों में जाकर पानी की व्यवस्था करते हैं। वार्ड एक हैंडपंप लगा है जो लोगाें को पानी दे रहा है। नालियां ऐसी हैं कि उनमें पानी निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। वार्ड में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। सड़क पर बारिश का पानी भरता है। लोगों के घरों में पक्के शौचालय तक नहीं बने हैं जिससे वे खुले में शौच के लिए जाते हैं। वार्ड के पास सुलभ कांप्लेक्स बना है, लेकिन उसमें निस्तार के लिए जाने पर रुपए लगते हैं। सालों से पेयजल के लिए परेशान लोगों का कहना है कि उन्हें पीने के पानी की व्यवस्था कराई जाए।
नलोंमें हवा तक नहीं आती
वार्डमें पेयजल के लिए पाइप लाइन बिछा कर लोगों को नल कनेक्शन दिए गए थे लेकिन आजतक नलों में पानी नहीं आया। क्योंकि जहां से पाइप-लाइन जोड़ी गई है वहां की ऊंचाई ज्यादा है। जिससे लाइन में पानी नहीं चढ़ता है। वार्ड के बुजुर्ग भगवानदास जाटव ने बताया कि उनके वार्ड में नल तो लगवा दिए गए हैं, लेकिन लोगों को पेयजल नहीं मिल रहा है। कई सालों से उनके वार्ड में पेयजल की समस्या चली रही है। जिसे किसी के द्वारा हल नहीं कराया जा रहा है। वार्ड में करीब छह महीने पर लाइन डलवाई गई, लेकिन उसमें भी पानी नहीं आता। गोमतीबाई ने बताया कि उनके वार्ड नालियां गंदगी से भरी है, सफाई कर्मचारियों के नहीं आने से कचरे के ढेर लगे रहते हैं।
खुलेमें निस्तार के लिए जाते हैं
वार्डवासियोंका कहना है कि उनके वार्ड पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, बारिश में भी क्षेत्र में पानी भरा रहा रहता है।यहां कई घरों में तो आज भी पक्के शौचालय नहीं बने हैं जिससे वे रेलवे ट्रैक के पास निस्तार के लिए जाते हैं। बारिश में जगह-जगह पानी भरा होने से मच्छर पनपते हैं जिससे बीमारी का खतरा बना रहता है।
पाइपलाइन में पानी नहीं आता है
वार्डपार्षद रूपराम जाटव का कहना है कि उनके वार्ड में पेयजल की समस्या पिछले 30-40 सालों से हैं। इस साल पिछले महीने वार्ड में पानी की पाइप लाइन डलवाई गई है। उसमें पानी नहीं रहा है। जहां से लाइन का कनेक्शन जोड़ा गया