साकेतधाम में जुटे संत समागम
स्थानीयसवा लाख मानस पाठ साकेतधाम में संत आनंदकंद दयालु भगवान के महाप्रयाण के उपरांत रिक्त हुई गद्दी पर उनके उत्तराधिकारी उच्च शिक्षा प्राप्त वेदांत पारंगत 29 वर्षीय श्रीश्री भगवान का वाराणसी से पधारे संतों एवं मठों के महंतों ने वैदिक मंत्रोच्चार से दादा भगवान की गद्दी पर विराजमान कराया। इस दौरान बैंकाक, कर्नाटक, नासिक, बीकानेर, उज्जैन, हरिद्वार एवं प्रयाग से आए अनेक यज्ञाचार्यों ने शास्त्रोक्त विधि के अनुसार यह क्रिया संपन्न कराई। इस अवसर पर जिले के मंदिरों के महंत, पुजारी सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
गौरतलब हो कि कुंभ मेले में अपनी पृथक पहचान बनाने वाला दादा भगवान अपने जीवन काल में ही श्रीश्री भगवान को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर चुके थे। तथा समस्त धार्मिक क्रियाओं में पारंगत कर दिया था। इस अवसर पर श्री भगवान ने दादा भगवान के मिशन को पूरा करने का संकल्प लिया। अनेक स्थानों से आए अनुयायियों ने माला पहनाकर तिलक लगाकर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर पूर्व विधायक आनंद श्रीवास्तव ने उनके दीघ्र जीवन की कामना की एवं गोलोकवाशी दयालु भगवान की महत्वता पर प्रकाश डाला।
इस दौरान बीएम दुबे, वीरेंद्र दवे, बिहारी लाल गौतम, उमाकांत पौराणिक, श्यामसुंदर शुक्ला, महंत प्रहलाद दास, एससी राय, राजीव श्रीवास्तव, श्याम सुंदर गुप्ता, संगीता दुबे, राकेश चतुर्वेदी सहित सैकड़ों लाेग मौजूद रहे।