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बालिकाओं ने पूछा,कलेक्टर कैसे बनते हैं

6 वर्ष पहले
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सबला योजनांतर्गत महिला एवं बाल विकास दमोह शहरी क्षेत्र की 61 किशोरी-बालिकाओं को शहर के सरकारी कार्यालयों का भ्रमण कराया गया। इस दौरान किशोर बालिकाओं ने कलेक्टोरेट, तहसील से लेकर पुलिस और डाक विभाग के कामकाज को नजदीक से जाना।

शनिवार को महिला बाल विकास वविभाग की परियोजना अधिकारी शिवा खरे और पर्यवेक्षक गीता अहिरवाल सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं के साथ शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं को भ्रमण कराया गया। इस दौरान सबसे पहले उन्हें कलेक्टोरेट ले जाया गया जहां कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह ने बालिकाओं को आत्मीयता से शासकीय कार्य से अवगत कराया। इसके बाद बालिकाओं को तहसील कार्यालय ले जाया गया जहां तहसीलदार मनोज श्रीवास्तव ने बालिकाओं को शासकीय कार्यों के संबंध में जानकारी दी। यहां बालिकाओं ने पटवारी बनने और तहसलीदार बनने के लिए जरूरी योग्यता के बारे में तहसीलदार से सवाल किए। तहसीलदार ने सभी सवालों के संतोषजनक जवाब दिए। बाद में उन्होंने अपनी ओर से बालिकाओं को बिस्किट के पैकेट वितरित करके विदा किया। इसे बाद किशोरी बालिकाएं एसपी कार्यालय पहंुची जहां एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने विभागीय कामकाज के बारे में उन्हें विस्तार से बताया। पोस्ट-आफिस पहंुचकर बालिकाओं ने डाक-पत्रों के आदन-प्रदान और वितरण की व्यवस्था देखी। सिटी कोतवाली में थाना प्रभारी ने बालिकाओं को पुलिस के कामकाज के बारे में बताया। इसके बाद बालिकाओं को ग्राम हथना ले जाया गया।

भम्रण कार्यक्रम

सबला योजनांतर्गत किशोरी-बालिकाओं को सार्वजनिक स्थलों और सरकारी कार्यालयों में घुमाकर जानकारी मुहैया कराई जा रही है।