पुलिस की कहानी पर परिवार को भरोसा नहीं
शहरके कच्चा सिंधी कैंप निवासी चंदू राठौर बेटे अरविंद का अपहरण और हत्या का मामला अभी भी उलझा है। पुलिस ने हत्या को लेकर जो खुलासा किया है उस पर पीड़ित परिवार भरोसा नहीं कर पा रहा है। इसी बीच गुरुवार को भी पुलिस तीनाें आरोपियों से पूछताछ करने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया। इसके पहले आरोपियों से पुलिस ने घटना स्थल की रैकी भी कराई।
बुधवार को जबलपुर रोड पर 12 वर्षीय छात्र अरविंद का शव पुलिस ने बरामद किया था। इसके पहले पुलिस ने तीन आरोपियों शिवम, विकास तोमर निवासी मलैया मिल के आगे और सुजीत राजपूत निवासी मागंज वार्ड 5 को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने पुलिस को घटना का कारण छात्र द्वारा गाली गलौच देना बताया था। इस पर उन्होंने उसकी मारपीट कर दी थी। बाद में वे उसे बाइक पर ही उठाकर ले गए थे। आरोपियों ने छात्र की हत्या करने के बाद उसे जबलपुर रोड पर चिरईचोंच के पास ले जाकर फेंक दिया था। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने इसके पहले शहर के पेट्रोल पंप से बोतल में पेट्रोल लिया और फिर शव को जलाने का प्रयास किया। पुलिस की इस कहानी पर पीड़ित परिवार को भरोसा नहीं है। मृतक के पिता चंदू राठौर और चाचा गजाधर उर्फ गज्जू का कहना है कि आरोपी केवल तीन नहीं है बल्कि घटना में और भी अारोपी शामिल है। उन्होंने संदेहियों के नाम भी पुलिस को दिए हैं। इसके आलावा आरोपी और पुलिस जो घटना स्थल बता रही है वह भी संदिग्ध है। क्योंकि जहां शव फेंककर जलाने की बात की जा रही है वहां शव जलाने जैसे कोई निशान नहीं है। उधर गुरुवार को पीड़ित परिवार के यहां लाेगों का आना-जाना लगा रहा। घटना के कारणों को लेकर लोग कई तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। वहीं कोतवाली पुलिस इस पूरे मामले में फूंक-फूंककर कदम रख रही है। पुलिस ने दो दिन के अंदर लापता छात्र की हत्या करने वाले मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पूरे मामले की गुत्थी तो सुलझा ली है, लेकिन अभी पीएम रिपोर्ट का पुलिस इंतजार कर रही है। पुलिस का मानना है कि यदि घटना को लेकर कोई संदेह यदि है तो वह पीएम रिपोर्ट सामने आने के बाद स्पष्ट हो जाएगा। इसीलिए पुलिस ने तीन डाक्टारों के पैनल से पोस्ट मार्टम कराया है। घटना का मुख्य गवाह मृतक का सहपाठी आकाश राठौर गहरे सदमे में है। पुलिस ने जिन आरोपियों को पकड़ा है आकाश भी उन्हीं के नाम बता रहा है। लेकिन मोहल्ले के लोग और मृतक के परिजन अन्य लोगों के नाम घटना से जोड़ रहे हैं। इससे पुलिस को लग रहा है कि घटना की आड़ में निर्दोष लोगों के नाम घटना से जोड़े जा रहे हैं। इसलिए जब तक साक्ष्य नहीं मिल जाते तब तक पुलिस निष्पक्ष कारवाई करेगी।
पुलिस ने मौके पर जाकर जांच की।