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राजा परीक्षित जैसा श्रोता होना असंभव है: पं. उमेश मिश्रा

6 वर्ष पहले
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दमोह। स्थानीय महाकाली चौक स्थित श्री बांके बिहारी ताम्रकार मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के गुरुवार को तीसरे दिवस की कथा में पंडित उमेश मिश्रा शास्त्री ने कहा कि शुकदेव की कथा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि शुकदेव जैसा वक्ता होना एवं राजा परीक्षित जैसा श्रोता होना असंभव हैं। भगवान श्री कृष्ण का विदुर के घर जाना और कदली के फल के छिलके खाना भगवान भाव के भूखे हैं। भगवान प्रेम के भूखे हैं जो उन्हें जिस रूप में भजता है वह उसे उसी रूप में मिल जाते हैं। मीरा, राधा, रूकमणी इसका उदाहरण हैं। कथा में भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा। सुरेश दुबे, राजेन्द्र सरवरिया, आशुतोश गौतम ने भक्तजनों से उपस्थित होने का आह्वान किया है।

परशुरामटैकरी पर भागवत कथा आज से

दमोह।शहर के जबलपुर नाका पॉलीटैकनिक कॉलेज के पास स्थित भगवान परशुराम टेकरी पर 13 से 19 फरवरी तक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा का वाचन वृंदावन धाम से पधारे आनंद शरण महाराज करेंगे। पुजारी कृष्ण कुमार गर्ग ने बताया कि शुक्रवार को शाम 4 बजे से जबलपुर नाका देवी मंदिर से कलश यात्रा निकाली जाएगी। जो भ्रमण करती हुई परशुराम टेकरी पहंुचेगी। कथा में विजय शास्त्री द्वारा धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराई जाएंगी। उन्होंने सभी भक्तजनों से कथा में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने को कहा है।