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जिले के 117 जलाशयों पर केवल 13 अमीन ही पदस्थ

7 वर्ष पहले
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जलाशयों से सिचिंत रकबा की राजस्व वसूली, रिकाॅर्ड संधारण, जैसे महत्तवपूर्ण कार्यों को करने वाले अमीनों का जिले में जमकर टोटा है। जिले में पिछले 40 साल में जलाशयों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। जिसके चलते जलाशय स्टापडेम की संख्या 117 के पार पंहुच गई है, लेकिन कर्मचारियों की संख्या 40 साल में जस की तस है। हटा, दमोह, जबेरा, पथरिया में महज 13 अमीनों के सहारे जिले के जलाशयों की राजस्व वसूली व्यवस्था है। जिससे वित्तीय वर्ष में जिले में राजस्व वसूली साढ़े 4 करोड़ के तकरीबन बकाया है। जिसकी वसूली व्यवस्था अमीनों के हाथ में होने की वजह से कर्मचारियों की कमी के चलते वसूली नहीं हो पा रही है। इसके अलावा जलाशयों की देखरेख के लिए फील्ड पर अधिकांश जलाशयों पर स्थाई कर्मचारी हैं। जिसके चलते जिले के दो दर्जन से अधिक पुरातन धरोहर वाले जलाशयों की हालत दिन प्रतिदिन जीर्णशीर्ण हो रही है। करोड़ों रुपए की लागत से बनाए गए इन जलाशयों की देखरेख के लिए सिंचाई विभाग के पास अमीनों का टोटा है। जिससे जलाशयों को राम भरोसे छोड़कर रखा गया है।

इस संबंध में सिंचाई निरीक्षक विनोद तिवारी का कहना है कि 25 सौ हेक्टयर पर एक अमीन की पदस्थापना होनी चाहिए। जिले में कुल सिंचित रकवा 37 हजार के तकरीबन है। जिसके मान से तकरीबन चार अमीनों की कमी है। जिसकी मांग निरंतर विभाग से लिखित जानकारी भेज कर की जा रही है।

जबेराजनपद में जलाशयों की स्थिति

क्षेत्रके माला, रीछई, जमनेरा, बनवार, गाढ़ाघााट, बहेरिया,मढा, हरदुआ सड़क,भाट खमारिया, पिपारिया जुगराज,जलहरी घाना, हरदुआ पोंड़ी, कलरेवा, घाना मैली, मंगरई, बंदरकोला, भिनैनी, कलूमर, करारिया, भजिया, जबेरा, सिग्रामपुर रेग्युलेटर, भैंसखार, छोटी कंटगी, साहित 25 जलाशयों में पांच अमीन पदस्थ है।

जिले के जनपदों में अमीन की संख्या

हटा3

दमोह 3

जबेरा 5

पथरिया 3

कुल 13

निज संवाददाता. बनवार

जलाशयों से सिचिंत रकबा की राजस्व वसूली, रिकाॅर्ड संधारण, जैसे महत्तवपूर्ण कार्यों को करने वाले अमीनों का जिले में जमकर टोटा है। जिले में पिछले 40 साल में जलाशयों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। जिसके चलते जलाशय स्टापडेम की संख्या 117 के पार पंहुच गई है, लेकिन कर्मचारियों की संख्या 40 साल में जस की तस है। हटा, दमोह, जबेरा, पथरिया में महज 13 अमीनों के सहारे जिले के जलाशयों की राजस्व व