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तीन महीने से नहीं मिला राशन, खाने के पड़े लाले

5 वर्ष पहले
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आदिवासियों ने कलेक्टर को आवेदन देकर सुनाई समस्या

भास्कर संवाददाता | दमोह

कलेक्टोरेट में हर दिन शिकायतों का अंबार लग रहा है। एक दिन पहले कलेक्टर ने 49 शिकायतों पर सुनवाई की। बुधवार को भी कई लोग शिकायतें लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे। रंजरा ग्राम पंचायत अंतर्गत मैली ग्राम में रहने वाले आदिवासी परिवारों को तीन महीने से खाद्यान्न नहीं मिला है। आवेदन देने आए उत्तम आदिवासी, रामदयाल, मुड़ी आदिवासी ने बताया कि पटीशीशपुर सोसायटी से उन्हें खाद्यान्न का बंटन किया जाता है, लेकिन तीन महीने से खाद्यान्न नहीं मिला है। सोसायटी में जाने पर बताया जाता है कि खाद्यान्न चोरी हो गया है 15 दिन बाद मिलेगा। उन्होंने बताया कि करीब 15-20 परिवारों को खाद्यान्न नहीं मिलने से उनके साथ खाने का संकट खड़ा हो गया है। सभी परिवार गरीब तबके हैं और राशन नहीं मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने खाद्यान्न मुहैया कराने की मांग की है।

मस्टर पर रखे जाने की मांग : नगर पालिका में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों ने आवेदन देते हुए संविदा, कलेक्टर दर, कंटरजेंसी, मस्टर पर रखे जाने की मांग की है। नगर पालिका में कार्यरत 18 कंप्यूटर ऑपरेटरों ने कलेक्टर से मांग करते हुए कहा कि वे विगत 4 सालों से अॉपरेटर अनुबंधित ठेका पद्धति पर कार्यरत हैं। शासन की समस्त योजनाओं का क्रियान्वयन कंप्यूटर द्वारा संचालित किया जाना नियत किया गया है। लेकिन हम सभी को भविष्य सबंधी आशंकाएं व्याप्त हैं। ठेका पद्धति में उन्हें कभी भी हटाया जा सकता है। अत: हम समस्त कंप्यूटर ऑपरेटरों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कंप्यूटर ऑपरेटरों के ठेका पद्धति से शासन नियमानुसार संविदा, कलेक्टर दर, कंटरजेंसी, दैवेभो पर परिवर्तित किया जाए। इस दौरान शलाहउद्दीन कुरैशी, भूपेंद्र, श्रेयांश, इबादत, रामकुमार सोनी, सूजर, रामकिशोर, रेशमा, निशांत, पलाश, विवेक, कृष्णकुमार, गायत्री, ओमप्रकाश, रवींद्र, महिमा, इशरत, रीना मौजूद रहीं।

पद से अलग कर दिया : तेजगढ़ खुर्द ग्राम पंचायत अंतर्गत ग्राम बेहरा निवासी द्वारका पिता रामदयाल मुडा ने बताया कि वे विशेष प्रशिक्षण केंद्र ग्राम लमती ग्राम पंचायत बालाकोट में 15 जुलाई 2015 से पढ़ाने जाते थे, जो 31 जुलाई तक रहा इसके बाद मुझे केंद्र से अलग कर दिया गया। पूछने पर बताया कि गया कि अभी एक ही शिक्षक की जरुरत है, लेकिन इसके बाद मेरे स्थान पर दूसरे की नियुक्ति कर ली गई है। उन्होंने मामले में उचित कार्यवाही की मांग की है।

शिकायत
रिश्वत नहीं देने पर प्रकरण अधर में
ग्राम सतौआ निवासी राजेंद्र सिंह पिता राम सिंह ने आवेदन दिया है। जिसमें कहा गया है कि दलाल पिता झुर्रे, जनकरानी पति नन्नू अहिरवार, कुसुमरानी पति गनपत गडरिया, परसू पिता बसोरी, गनपत पिता नारायण गडरिया ने आवास के लिए आवेदन किया है। इनका आवेदन यूनियन बैंक में गया लेकिन मेरा आवेदन नहीं निकाला गया। राजेंद्र ने बताया कि उनसे प्रकरण स्वीकृत कराने के लिए एजेंट द्वारा 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है। जिसका नाम देवेंद्र सेन है। उन्होंने बताया कि रिश्वत मैनेजर को दी जाती है साथ पटवारी पट्टा बनने के लिए 3 हजार रुपए मांगता है। रुपए नहीं देने पर प्रकरण स्वीकृत नहीं हो रहा है।

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