कायाकल्प : 45 लाख के निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग
स्वास्थ्य केंद्र की दीवारों में लगाए जा रहे थिगड़े, टाइल्स भी घटिया, मिट्टी युक्त रेत का हो रहा उपयोग
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत किया जा रहा है अस्पताल की रिपेयरिंग कार्य
भास्कर संवाददाता | पथरिया
नगर के सीएचसी के कायाकल्प के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 45 लाख की लागत से जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। जिसमें भवन की पूर्ण रिपेयरिंग सहित टाइल्स, दरवाजों में एल्युमीनियम फ्रेम सहित छत व स्लैब डलना है। लेकिन यहां पर ठेकेदार द्वारा मनमाने तरीके से कार्य किया जा रहा है। यहां पर किए जा रहे विभिन्न निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। दीवारों की दूसरी छपाई करने की बजाए केवल थिगड़े लगाए जा रहे हैं। साथ ही टाइल्स भी सस्ते किस्म के लगाए जा रहे हैं। दरअसल शासन द्वारा 45 लाख की राशि इसी उद्देश्य से जारी की है कि पूरे अस्पताल का कायाकल्प बदल दिया जाए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिस तरह दमोह शहर के जिला अस्पताल में तीन करोड़ की लागत से कायाकल्प कर, उसे निजी अस्पताल की तर्ज पर बना दिया गया है, उसी तरह यदि यहां भी सही तरीके से काम कराया जाए तो पथरिया की अस्पताल भी पूरे जिले में अलग तरह से दिखाई देगी। लेकिन यहां पर काफी घटिया तरीके से कार्य किया जा रहा है। जिसमें अच्छी किस्म की रेत की जगह स्थानीय नदियों की मिट्टी युक्त रेत का इस्तेमाल किया जा रहा है जो चंद दिनों में ही सीमेंट छोड़ने लगी है।
वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी है
अस्पताल में चल रहे कार्यों के संबंध में ठेकेदार से बोला गया है। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को भी सूचित किया गया है। डॉ. ई मिंज, बीएमओ पथरिया
ठेकेदार और उपयंत्री के मिलीभगत से चल रहा काम
जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते बेरोकटोक घटिया साम्रगी का उपयोग किया जा रहा है। नगर के छोटू पटेल, हेमंत ठाकुर ने बताया कि शासन द्वारा निर्माण कार्यों के लिए भरपूर पैसा दिया जाता है, ताकि मजबूती के साथ कार्य हो सके, लेकिन ठेकेदार और उपयंत्री के मिलीभगत के कारण अधिक लाभ कमाने घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने कलेक्टर से पथरिया स्वास्थ विभाग में हो रहे घटिया निर्माण की जांच कराने की मांग की है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दीवारों में लगाए जा रहे थिगड़े। इंसेट भवन के जीर्णोद्धार कार्य में काली रेत का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें मिट्टी मिली हुई है।