तीसरे दिन भी अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर रहे, कामकाज ठप
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत पदस्थ संविदा अधिकारी कर्मचारी नियमितीकरण की मांग को लेकर सात दिवसीय कलम बंद हड़ताल पर हैं। तीसरे दिन बुधवार को भी अधिकारी कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन कलेक्टोरेट के सामने जारी रहा।
उधर अधिकारियों कर्मचारियों की हड़ताल से जनपदों, ग्राम पंचायतों में कामकाज ठप हो गए हैं। खासकर मनरेगा से जुड़े से सभी विकास कार्य थम गए हैं। मांग को लेकर जिलेभर के लगभग 400 अधिकारी कर्मचारी धरने पर बैठे हैं। यह आंदोलन 14 फरवरी तक चलेगा।
धरने पर बैठे संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि मप्र संविदा अधिकारी संगठन भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास के आव्हान पर जिले के संविदा अधिकारी कर्मचारी एवं रोजगार सहायक लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। पूर्व में भी ज्ञापन, धरना, हड़ताल कर चुके हैं। लेकिन सरकार ने मांग पर ध्यान नहीं दिया। इससे पुन: संविदा कर्मियों व रोजगार सहायकों ने सात दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू किया है। इसके बाद भी यदि मांग पर ध्यान नहीं दिया जाता है, तो अनिश्चित कालीन हड़ताल की जाएगी। गौरतलब है कि जिले में करीब 400 संविदाकर्मी हैं, जो कि इस आंदोलन में हिस्सा लेकर नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि जिले में मनरेगा, डीआरडीए, एसबीएम, एमडीएम एवं वाटर शेड योजनाओं का कार्य, पेंशन कार्य, मुख्यमंत्री आवास, मस्टर जारी, भुगतान सहित अन्य कार्य मुख्य रूप से संविदा अधिकारी कर्मचारियों के भरोसे ही चल रहा है। जो इस सात दिवसीय आंदोलन से पूरी तरह से ठप हो गए हैं। इसके अलावा ग्राम पंचायतों में भी कामकाज प्रभावित होने से लोग परेशान हैं। संघ के अध्यक्ष पुष्पेंद्र पटेल ने बताया कि यदि उनकी मात्र एक मांग पूरी नहीं होगी तो यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
धरना प्रदर्शन के दौरान अनुराग सिंह, वीर सिंह, अर्जुन पटेल, अवधेश गौतम, संजय अहिरवार, स्नेहलता गुप्ता, राकेश चौबे, परवेज खान, सुनील तिवारी, आलोक खरे, विजेंद्र सिंह, अयंक मिश्रा, दिनेश पटेल, हेमेंद्र सिंह, आदर्श मिश्रा, नितिन जैन, नितिन ताम्रकार, द्वारका पटेल, सुदर्शन पटेल, सचिन सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।
दमोह। बुधवार को भी कलेक्टोरेट के सामने संविदा अधिकारी कर्मचारी धरने पर बैठे रहे।