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शव लेकर पुलिस के पास दिनभर भटकते रहे युवक
वाहनदुर्घटना में चार दिन पहले मृत हुए युवक का शव परिजनों को सौंपने के लिए रविवार को दिनभर कुछ युवक परेशान होते रहे। छत्तीसगढ़ रायपुर के चिलपी घाट थाना क्षेत्र में चार दिन पहले ट्रक हादसे में क्लीनर की मौत हो गई थी, जिसके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शव का पीएम कराया और वाहन मालिक को शव सौंप दिया था। मृतक दमोह निवासी होने के कारण ट्रक मालिक शव लेकर यहां आए थे, लेकिन पुिलस ने मृतक की पहचान नहीं होने के कारण शव वापस कर दिया।
जानकारी अनुसार बैतूल निवासी विक्रम सिंह चौहान के मिनीट्रक वाहन नंबर एमपी 50 जी 1158 में बाबूलाल पिता रामलाल विश्वकर्मा (40) क्लीनर था। चार दिन पहले रायपुर से ट्रक में पोहा लादकर भोपाल आते समय चिलपी घाट से करीब एक किमी दूर अज्ञात ट्रक ने वाहन को टक्कर मार दी थी जिसमें बाबूलाल की मौत हो गई थी। स्थानीय पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर शव का पीएम कराकर वाहन के मालिक को सुपुर्दनामा पर दे दिया था।
वाहन का ड्राइवर गुड्डू घटना के बाद से फरार है। वाहन मालिक विक्रम ने बताया कि उनके वाहन में कुछ दिन पहले क्लीनरी करने एक युवक ट्रांसपोर्ट के माध्यम से चढ़ा था। दूसरे राउंड में ट्रक पर जाने में ही वह हादसे का शिकार हो गया।
मृतक के पास मिले लायसेंस की फोटोकाॅपी के आधार पर वह दमोह का रहने वाला बताया गया है। इसलिए पीएम के बाद उन्होंने मानवता के नाते शव को पुलिस से लेकर उसके परिजनों तक पहुंचाने का फैसला लिया और मृतक के लायसेंस से मिली जानकारी के आधार पर वे शव को निजी वाहन में रखकर छत्तीसगढ़ से दमोह तक आए है। उन्होंने बताया कि कंट्रोल रूम में बात करने पर कोतवाली भेजा गया जहां वे सुबह करीब 7 बजे गए थे, लेकिन दोपहर तक कोई कारवाई नहीं की गई और ही मृतक के परिजनों की जानकारी दी गई। शव के साथ आए कन्हैयालाल चौहान ने बताया कि वे चार दिन से परेशान हैं। रात भरकर चलकर सुबह दमोह पहुंचे और सुबह से भूखे प्यासे कोतवाली के बाहर शव को रखाए खड़े हैं लेकिन पुलिस द्वारा कोई रुचि नहीं ली जा रही है। उन्होंने बताया कि शव चार दिन पुराना होने से उसमें दुर्गंध भी आने लगी है और वाहन में रखी बर्फ भी पिघल गई है। ऐसे में शव के पास रुकना भी मुश्किल हो रहा है। आखिरकार दोपहर के बाद शव को वापस ले जाने को कहा दिया गया।
शव की पहचान नहीं हो पाई है
कोतवाली टीआई केके त्रिपाठी ने बताया कि द