- Hindi News
- हाईवे बेहाल, संकेतक नहीं, डिवाइडर भी अधूरे
हाईवे बेहाल, संकेतक नहीं, डिवाइडर भी अधूरे
शहरसे निकलने वाला दमोह-जबलपुर हाइवे भले ही सफर के हिसाब से बेहतर हो गया है, लेकिन अब भी यह शहरवासियों के लिए मुसीबत बना हुआ है। शहर में ही कई स्थानों पर कुछ हिस्सा अधूरा होने के कारण इसका सफर जोखिम भरा बना हुआ है। दूसरी ओर सड़क निर्माण हुए एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी इसकी मार्किंग नहीं हो पाई है। मार्किंग के आभाव में सड़क पर डिवाइडर एवं साइड पट्टी रिफ्लेक्टर का काम भी अटका पड़ा है।
गौरतलब हो कि शहरी सीमा में हाइवे से जुड़े कई मार्ग, स्कूल, कॉलेज, सरकारी विभाग चौराहा की जानकारी के लिए दिशा निर्देशन बोर्ड (संकेतक) लगाए जाने की बेहद आवश्यकता है। हाइवे बनने के बाद एक ओर वाहन चालक तेज रफ्तार के साथ वाहन चलाते हैं। ऐसे में इस मार्ग पर कई स्कूल कॉलेज होने के कारण छात्र-छात्राओं की जान को हमेशा ही खतरा बना रहता है। स्थिति यह है कि भारी वाहन से लेकर दोपहिया चार पहिया वाहन शहरी क्षेत्र में निर्धारित गति और सही दिशा में चलने के नियम तोड़ रहे हैं। इन हालातों के चलते हाइवे पर आए दिन दुर्घटनाएं घट रही हैं। पिछले एक साल के दौरान एक सैकड़ा से अधिक लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। वहीं दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है फिर भी एमपीआरडीसी द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। गौरतलब हो कि पहले ही इस हाइवे के निर्माण में कंपनी द्वारा काफी लेटलतीफी की गई। जैसे-तैसे हाइवे का काम पूरा किया गया, लेकिन अब भी कई जगह इसे अधूरा ही छोड़ दिया गया है। दूसरी हाइवे पर मार्किंग होने पर लोग मनमाने तरीके से वाहन चलाते हैं। यदि मार्किंग हो जाए तो काफी हद तक सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।
यहहोती है मार्किंग
हाइवेनिर्माण के बाद मार्किंग की जाती है। इसके तहत संकेतक बोर्ड लगाए जाते हैं। रेडियम पट्टी भी लगाई जाती है। इसके अलावा केटाई भी लगाई जाती है जो रात के समय सफर करने वालों को चमकदार होने से सड़क का हिस्सा साफ दिखाई देता है। इसके अलावा हाइवे से जुड़े मार्गों के लिए संकेतक, स्कूल, फुटपाथ, हास्पिटल, कार्यालय आदि के बोर्ड लगाए जाते हैं ताकि वाहन चालक पहले से ही सतर्क हो सके। स्थानीय निवासी लक्ष्मी यादव, राघवेंद्र, दीपक मिश्रा, उमेश पटैल ने बताया कि हाइवे का निर्माण हुए एक साल बीतने के बाद भी इसकी मार्किंग नहीं की गई। जिसके चलते इस मार्ग पर आए दिन हादसे हो रहे हैं।
कईज