जीवन में संयम जरूरी है: धारणामित माता
दमोह |नेमीनगर काॅलोनीस्थित जैन धर्मशाला में आर्यिका धारणामति माताजी के प्रवचन चल रहे हैं। माताजी ने अपने प्रवचनों में कहा कि यदि हम अपने जीवन को सार्थक करना चाहते हैं तो अपने जीवन में संयम धारण करना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा यदि हमारे पास संयम रूपी लगाम होगी तो हम अपने जीवन को उत्कृष्ठ रूप ले जा सकते हैं। उन्होंने कहा जीवन में खाना, पीना, सोना, बोलना, चलना सभी में संयम आवश्यक है। हमेशा हित मित प्रिय वचन बोलना चाहिए। चार हाथ आगे की ओर देखकर चलना चाहिए। क्योंकि मुख से निकला हुआ शब्द कभी वापस नहीं आता। उन्होंने कहा कि जीवन में छोटे-छोटे नियम इंसान को भगवान बना सकता है। मंगलाचरण मधु जैन ने किया। संचालन सुबोध जैन ने किया। कार्यक्रम में ध्यानचंद ताराचंद, डीके जैन, सुरेंद्र जैन, रमेशचंद्र, अरविंद, इंद्रकुमार सहित बड़ी संख्या में महिला पुरुष मौजूद थे।
दमोह। नेमीनगरजैन धर्मशाला में प्रवचन देती आर्यिका माता।