छोटों पर गाज, बड़ों पर मेहरबानी
जबेरा जनपद के ग्राम बड़गुवां में जगह-जगह अतिक्रमण पसरा है। जिसके चलते ग्रामीणों को परेशानियों से जूझना पड़ा रहा है। प्रभावशाली लोगों द्वारा तो मुख्य रास्तों के साथ जहां-तहां कब्जा जमा रखा है। इसी बात से परेशान होकर ग्रामीणों ने 11 सितंबर को दमोह कलेक्टर के पास पहुंचकर आम रास्ता एवं गांव के अन्य सभी क्षेत्रों में अतिक्रमण की शिकायत की थी। जिस पर कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम ने गांव पहुंचकर आम रास्ते का अतिक्रमण हटवाने के साथ नोटिस जारी कर 25 सितंबर तक सभी अतिक्रमणकारियों को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन 25 तारीख निकलने के तीन दिन बाद भी गांव में जस का तस अतिक्रमण पसरा हुआ है।
ग्राम के गनपत सिंह लोधी ने कलेक्टर को दिए गए आवेदन में बताया है कि वह अपनी रोजी-रोटी चलाने एक छोटी सी टपरिया ग्राम बड़गुंवा में बना ली थी। प्रशासन के द्वारा अतिक्रमण हटवाने के लिए नोटिस मिलने पर उसने अपनी निर्माणाधीन टपारियां को मिटाकर सरकारी भूमि पर से पूरी तरह अतिक्रमण हटा लिया है, लेकिन गांव के प्रभावशाली लोगों को तो नोटिस दिए हैं ही उन्होंने अपने अतिक्रमण हटाए हैं। जिससे प्रशासन की कार्रवाई पर सवालिया निशान लग रहा है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने गरीबों को तो नोटिस दिए गए , लेकिन गांव के जनपद सदस्य, सरपंच द्वारा मुख्यमंत्री आवास योजना की कुटीर बकरी शेड का निर्माण कर जो सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया गया है। उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मुख्य रूप से अतिक्रमण जनपद सदस्य सरपंच द्वारा किया गया है। जिनके द्वारा सरकारी जमीन पर मकान बनाकर कई लोगों को बेचे गए। हालही में सरपंच ने अपना चार पहिया वाहन रखने के लिए भी गैरिज बनाया था। जिसे 50 हजार रुपए लेकर गांव के पार्वती पति हल्लू महोबिया को बेच दिया है। ऐसे में प्रशासन द्वारा भी इन्हें अतिक्रमण हटाने का नोटिस देना गरीबों के साथ भेदभाव को दर्शाता है।
सभी पर होगी कार्रवाई
बड़गुवांगांव में अतिक्रमण हटवाने के लिए जिला से पुलिस बल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जैसे ही पुलिस बल उपलब्ध होता है अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी निष्पक्षता के साथ की जाएगी। अतिक्रमणकारी कोई भी हो सब पर कार्रवाई होगी। -सीपी पटैल, एसडीएम तेंदूखेड़ा