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अधिनियम का पालन करने में सरकारी विभाग बरत रहे कोताही

7 वर्ष पहले
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बसंत कुमार श्रीवास्तव| दमोह

खाद्यसुरक्षा अधिनियम के तहत खान-पान से संबंधित वस्तुओं का निर्माण बिक्री करने वाली संस्थाओं के लिए रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य किया गया है। इसके दायरे में राशन दुकानें, स्कूलों में बच्चों को मध्यान्ह भोजन देने वाले स्वसहायता समूह सहित अन्य सरकारी संस्थाएं भी शामिल हैं। लेकिन इन संस्थाओं द्वारा खाद्य सुरक्षा अधिनियम का पालन नहीं किया जा रहा है। अधिनियम को लागू हुए भले ही 3 साल से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन अब तक अनेक सरकारी संस्थाएं लाइसेंस पंजीयन कराने के लिए आगे नहीं पाई हैं। करीब 5 बार तिथि बढ़ाए जाने के बाद भी नाममात्र की सरकारी संस्थाओं ने रजिस्ट्रेशन बनवाने में रूचि दिखाई है। खास बात तो यह है कि इस अधिनियम के दायरे में जो भी सरकारी कार्यालय रहे हैं उनमें से कई संस्थाओं के संचालकों को रजिस्ट्रेशन किए जाने की जानकारी भी नहीं है।

5 अगस्त 2011 को खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू किया गया था। जिसके तहत जिले के छोटे-बड़े व्यापारियों सहित एक दर्जन से अधिक सरकारी संस्थाओं को भी अधिनियम का पालन करना अनिवार्य है।

जिला आपूर्ति अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला समाज कल्याण अधिकारी, आदिम जाति कल्याण अधिकारी, सरकारी अस्पतालों, जिला आबकारी विभाग, जेल अधीक्षक, जिला पंजीयक सहकारी संस्थाएं एवं जिला प्रबंधक वेयर हाऊस एवं लॉजिस्ट विभाग शामिल हैं। इन सभी विभागों के अंतर्गत राशन दुकानें, आंगनबाड़ी केंद्र, मेस केंटीन, पुनर्वास केंद्र, विकलांग केंद्र, अनाथालय, मध्यान्ह भोजन वाले स्वसहायता समूह, बाल सुधा गृह, आरोग्य केंद्र, शासकीय अस्पताल, बंदी गृह, थानों में विचाराधीन अपराधियों को भोजन वितरण करने वाली संस्थाएं, देशी-विदेशी शराब दुकानें, भंडारगृह, दुग्ध समितियों, अनाज विक्रय केंद्रों आदि को पंजीयन करना था लेकिन अब तक स्वसहायता समूह को छोड़कर अधिकांश संस्थाएं रजिस्ट्रेशन कराने आगे नहीं रही हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि स्वसहायता समूह को छोड़कर अन्य सभी विभागों की स्थिति मात्र 5 से 10 फीसदी है। इनमें से आबकारी विभाग, जेल विभाग, निजी वेयर हाऊस, केंटीन मेस संचालित करने वाली संस्थाओं की स्थिति शून्य ही है। लोगों का कहना है कि जब सरकारी संस्थाओं ही इस मामले में गंभीर नहीं हैं तो प्राइवेट संस्थाएं भी पीछे ही रहेंगी। बताया गया है कि शासन द्वारा रजिस्ट