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समूह साधना विश्व शांति-मानव कल्याण के लिए जरूरी
मनुष्य का शत्रु उसका मन : वेद प्रकाश
शहरके प्रोफेसर कालोनी के श्रीराम मंदिर परिसर में चल रहे गायत्री परिवार के 4 दिवसीय 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ में शुक्रवार को भी धर्मावलंबियों ने यज्ञ में पहुंचकर धर्मलाभ उठाया। सुबह 8 बजे यज्ञ संपन्न हुअा, जिसमें 96 दंपती ने 24 वेदियों पर यज्ञ पूर्ण किया।
इसके पूर्व शांतिकुंज हरिद्वार से आए विद्वानों ने वैदिक मंत्रों से सभी देवताओं का आव्हान किया। यज्ञ की आहूतियां तीन घंटे तक चली जिसमें आहुति देकर हजारों भक्तो ने धर्मलाभ लिया। शाम के समय शांतिकुंज से अाए विद्वानों ने प्रवचन दिए जिसमें उन्होंने श्रद्धालुओं को समूह साधना के महत्व के बारे में बताया। वहीं युगऋषि के समूह साधना को विश्व शांति और मानवीय जीवन के अस्तित्व के लिए अनिवार्य बताया हैं।उन्होंने प्रवचन में वर्तमान समय की सबसे बड़ी समस्या मनुष्य में उस परमात्मा के प्रति श्रद्धा, विश्वास और समर्पण का अभाव बताया। समर्पण की बात करते हुए प्रज्ञागीत में चातक का चंदा के लिए , समिधा का अग्नि के लिए अधरों का बांसुरी के लिए अत्यंत प्रभावी हाेने का संदेश दिया। प्रवचन के अंतिम समय में संस्कारों की परंपरा बताते हुए, मुख्य गौ, गंगा, ग्राम, गायत्री और गीता का इस युग के लिए महत्व बताया।
चमड़े से बनी वस्तुओं काे त्याग करने के लिए कहा गया। इस अवसर पर 22 भक्तगणों को दीक्षा दिलाई गई, 8 भक्तों का जन्म दिवस और 4 दंपत्तियों का विवाह दिवस मनाया गया। इस दौरान यज्ञ में बड़ी संख्या में श्रृद्धालुओं की उपस्थिति रही। गायत्री महायज्ञ के अंतिम दिन शनिवार को सुबह 6 से 7.30 बजे तक सामूहिक जप, ध्यान और प्रज्ञायोग-व्यायाम का कार्यक्रम होगा। सुबह 8 से 12 बजे तक गायत्री महायज्ञ, संस्कार पूर्णाहुति एवं टोली की विदाई का कार्यक्रम होगा।
हिंडोरिया। श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करते श्रद्धालुजन।
दमोह। शहर के श्रीराम मंदिर ग्राउंड शांतिनगर कालोनी में चल रहे 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन महायज्ञ के बाद संगीतमय प्रवचनों का आयोजन किया गया।