पहले से ही तीन हैंडपंप, अब चौथा भी खनन
दमोह| शासकीय शिवाजी स्कूल परिसर में शुक्रवार को पेयजल व्यवस्था के लिए हैंडपंप खनन किया गया है। इसके पूर्व भी स्कूल में तीन हैंडपंप खोदे गए थे, जिसमें बिल्कुल भी पानी नहीं निकला, ऐसे में चौथा हैंडपंप खोदे जाने से आसपास के लोगों में आश्चर्य है कि आखिर शासन द्वारा पैसा बर्बाद क्यों किया जा रहा है। दरअसल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के चलते ऐसे स्कूलों के प्रस्ताव बनाकर भेज दिए जाते हैं, जिनका कोई औचित्य ही नहीं है। क्योंकि स्कूल परिसर में पहले से ही तीन हैंडपंप खनन किए जा चुके हैं। स्थानीय रामप्रसाद यादव, सुरेश पटेल ने बताया कि एक हैंडपंप खनन में शासन को 80 से 90 हजार रूपए का खर्च आता है। यदि यह हैंडपंप किसी ऐसी जगह खनन कराया जाता जहां पर पर्याप्त पानी है तो शायद बच्चों को इसका सही उपयोग हो पाता, लेकिन अधिकारियों ने यहां पर हैंडपंप क्यों खनन कराया यह समझ से परे हैं।
इस संबंध में बीआरसी पदम सिंह का कहना है कि स्कूल के प्रधानाचार्य ने मांग की थी कि उनके स्कूल में पेयजल की व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते स्कूल में पेयजल के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। जिले में पांच हैंडपंप स्वीकृत हुए हैं। जिसमें शिवाजी स्कूल भी शामिल है।