पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • वेटरनरी डाॅक्टर को नोटिस जारी करने के दिए निर्देश

वेटरनरी डाॅक्टर को नोटिस जारी करने के दिए निर्देश

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पशु अस्पताल में इलाज के दौरान गाय की मौत पर गौसेवकों ने किया हंगामा

भास्कर संवाददाता | दमोह

वेटरनरी अस्पताल में इलाजरत एक गाय की शुक्रवार को मौत हो जाने पर गौसेवकों ने हंगामा कर दिया। गौसेवक दोपहर में पशु अस्पताल परिसर में एकत्रित हुए और मृत गाय को परिसर में ही दफनाने के लिए नगर पालिका की जेसीबी बुला ली। लेकिन परिसर में रहने वाले लोगों एवं अस्पताल के अन्य अधिकारियों कर्मचारियों ने इसका विरोध किया।

गौसेवकों का कहना था कि पशु अस्पताल में मवेशियों के इलाज में लापरवाही बरती जा रही है, इसलिए यहां इलाज के लिए आने वाले सभी मवेशी मर रहे हैं। जिसके विरोध स्वरूप मृत गाय को अस्पताल परिसर में ही दफना रहे हैं। युवाओं में आक्रोश देख अस्पताल में मौजूद डीडीओ डॅा. संजय पांडे ने सभी को बुलाकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन युवा अपनी जिद पर अड़े थे कि वे परिसर में ही गाय के शव को दफनाएंगे।

डॉक्टर को नोटिस जारी किया जाएगा : डीडीओ की समझाइश के बाद भी जब युवा नहीं माने तो उपसंचालक से मोबाइल पर बात कराई गई। उपसंचालक ने सोमवार को टीएल बैठक के बाद एक बैठक कर समस्याएं रखने एवं उनके निराकरण का आश्वासन दिया। इसके बाद युवाओं ने अस्पताल परिसर में मृत गाय को न दफनाकर जटाशंकर धाम के पास शव को दफनाने का निर्णय लिया। डीडीओ श्री पांडे ने बताया कि उपसंचालक ने डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।

डॉक्टर चेस खेलते

हैंमवेशी तड़पते रहते हैं
गौसेवक नरेंद्र ने डीडीओ को बताया कि पशु चिकित्सक डॉ. बीएन पटेल मवेशियों के इलाज में लापरवाही बरते रहे हैं, वे कभी भी फोन नहीं उठाते हैं और जब आफिस में आकर मवेशियों के इलाज की बात कहो तो वे आफिस में चेस खेलते रहे हैं। सूचना देने वाला भी घंटों तक खड़ा रहता है, मवेशी तड़पते रहते हैं लेकिन वे बिना पैसों के कोई ध्यान नहीं देते हैं। शैलेंद्र ने बताया कि पैसे देने के बाद भी पशु चिकित्सक इलाज नहीं करते हैं। जो मवेशी यहां तक लाए जाते हैं उनकी मरहम पट्टी कर दी जाती है यदि मवेशी को लाने वाला दवा आदि सामग्री बाहर से खरीदकर दे तो। युवाओं ने बताया कि पशु अस्पताल में भर्ती होने वाले सभी मवेशी मर जाते हैं। पिछले कुछ दिनों से एक के बाद एक दस गायों की मौत अस्पताल में हो चुकी है।

खबरें और भी हैं...