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शहर की नई सरकार से कई उम्मीद लगाए बैठे हैं लोग

7 वर्ष पहले
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नगरीयनिकाय चुनाव के परिणामों की घोषणा होते ही पिछले कई दिनों से चल रही राजनैतिक सरगर्मी थम गई है। शहर की जनता ने इस बार भाजपा को बहुमत देकर इस आशा के साथ विजयी दिलाई की अब उनके शहर का तेजी से विकास होगा। अब तक कांग्रेस शासित नगर पालिका द्वारा हमेशा ही केंद्र राज्य सरकार पर पर्याप्त बजट नहीं मिलने का ठीकरा फोड़ा जाता रहा है। लेकिन अब केंद्र, राज्य के साथ शहर में भी भाजपा की सरकार बन गई है। ऐसे में शहरवासियों में उम्मीद जागी है कि निश्चत ही दमोह का कायाकल्प होगा।

नगरपालिका चुनाव परिणामों की घोषणा बाद भास्कर ने शहर के कई वार्डों में जाकर लोगों ने बात की तो लोगों ने बेवाक होकर अपनी बात सामने रखी। अधिकांश लोगों का कहना है कि अब जिस हिसाब से पिछले पांच साल के दौरान शहर का विकास हुआ है। अब नई सरकार को उससे दाेगुनी रफ्तार शहर के विकस काे तवज्जो देना होगी। ताकि आने वाले पांच साल के दौरान दमोह शहर मिनी महामहानगर की पंक्ति में खड़ा हो जाए।

गौरतलब हो कि अब तक दूसरे शहर से दमोह आने वाले लोगों को शहर में पैर रखते ही अव्यवस्थित बस स्टैंड, धूल से सराबोर सड़कें, चहंुओर अतिक्रमण, अव्यवस्थित यातायात, सड़कों पर खड़े आवारा मवेशी का नजारा दिखाई देता है। यह तस्वीर देखते ही बाहर से आने वाले लोग यह कहते हुए नजर आते हैं कि दमोह में विकास के नाम मात्र कागजी घोड़े ही दौड़ाए गए हैं। यहां के लोगों के साथ अन्याय किया जा रहा है।

इनकीओर ध्यान देंगे की जरूरत

शहवासियोंका कहना है कि सबसे पहले नई नगर सरकार को शहर में धूल उड़ा रही सड़कांे को धूलमुक्त करने की जरूरत है। इसके लिए पांच साल पहले लाखों रुपए की लागत से खरीदी गई धूल साफ करने वाली मशीन को सुधरवाने की जरूरत है। क्योंकि पिछली सरकारी ने इसी सुधरवाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए। तीन गुल्ली निवासी मनोज खरे का कहना है कि मशीन को सुधरवाने के बाद रोजाना ही सड़कों पर चलाया जाए ताकि शहर से धूल का नामोनिशान रहे।

बजरिया वार्ड निवासी अशोक राठौर का कहना है कि नगर पालिका को ऐसी व्यवस्था करना चाहिए के लोगों को सप्ताह में दो दिन जल सप्लाई किया जाए। इसके अलावा लीकेज प्वाइंट पुरानी पाइप लाइन को हटाया जाए ताकि पानी बर्बाद हो सके। क्योंकि शहर में सबसे बड़ी पानी की ही समस्या है। टंडन बगीचा निवासी राजेंद्र पटैल ने बताया कि शहर के प्राइवेट सरकारी बस स्टैंड को व्यवस