हत्या के आरोपी पिता और पुत्र को उम्रकैद
जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में तीन साल पहले हुई एक हत्या के मामले में आरोपित पिता-पुत्र पर दोष सिद्ध हो जाने के बाद उम्रकैद की सजा से दंडित किया गया है। वहीं इस मामले में दो अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त किया गया है। एक नाबालिग आरोपी का प्रकरण बाल न्यायालय में विचाराधीन है।
अभियोजन की कहानी के अनुसार तीन साल पहले घटना वाली रात तेंदूखेड़ा के वार्ड नंबर 5 में रहने वाले घनश्याम प्रजापति अपने बेटे नितिन और सीताबाई के साथ जग्गी लोधी के खेत पर सोए थे। इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते गांव के श्यामलाल गौड़, विजय उर्फ बिज्जू, शीलरानी और वीरू उर्फ उमेश नाबालिग अजय उर्फ अज्जू गौड़ ने एक राय होकर घनश्याम प्रजापित के सिर पर लाठी-डंडों से एक साथ हमला कर दिया था। इस हमले के बाद घनश्याम की मौत हो गई थी। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। इनमें नाबालिग अजय उर्फ अज्जू का प्रकरण बाल न्यायालय भेज दिया गया था। जबकि अन्य आरोपियों पर सक्षम न्यायालय मंे प्रकरण चलाया गया।
जुर्मानाभी हुआ
गवाहऔर साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश सुनील कुमार जैन ने आरोपी श्यामलाल गौर और उसके बेटे विजय उर्फ बिज्जू को हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा और एक-एक हजार रुपए के जुर्माना से दंडित किया है। वहीं शीलरानी और वीरू उर्फ उमेश को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया है। इस मामले में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक केके खरे ने पैरवी की।