बेटों के हत्यारे को आजीवन कारावास
महिला से छेड़छाड़ विरोध पर आग लगाई
आदिवासी महिला जनपद सदस्य पर फायरिंग
जिलेके एक चर्चित हत्याकांड के मामले में शनिवार को अपर सत्र न्यायालय हटा द्वारा हत्या के आरोपियों को दोहरे आजीवन कारावास एवं जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
प्रकरण के अनुसार जिले के रनेह थाना क्षेत्र में रनेह से 15 किमी दूर स्थित सिद्धबाबा धाम के पास कैलाश रिछारिया के खेत में बने कुआं में 10 नबंवर 2013 की सुबह नौ बजे गनेश पिता रूपराम कुम्हार (26) एवं दीपचंद पिता रूपराम कुम्हार (19) के शव मिले थे। पुलिस ने शव को कुएं से निकालकर शव का पीएम कराया था।
रनेह थाना में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। विवेचना के दौरान ज्ञात हुआ कि मृतक गनेश की प|ी के आरोपी ससुर रूपराम से अवैध संबंध थे। घटना के कुछ समय पहले से मृतक गनेश की प|ी अपने देवर मृतक दीपचंद से भी संबंध बना लिए थे। महिला के देवर और ससुर से संबंधों का खुलासा होने पर आरोपी रूपराम और मृतक गनेश के बीच अक्सर विवाद होता था और मृतक गनेश की प|ी के देवर से संबंध बन जाने से मृतक दीपचंद का भी आरोपी रूपराम से विवाद होने लगा था। इस कारण से अपने देह सुख प्राप्ति के लिए आरोपी पिता रूपराम ने अपने दोनों बेटों की हत्या का षड्यंत्र गड़ा था। आरोपी ने धन प्राप्ति की सहअभियुक्त के साथ झूठी कहानी बनाकर दोनों बेटों के हाथ पीछे से बांधकर घटना स्थल के कुएं में धकेलकर हत्या कर दी थी। मामले की विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार न्यायालय के समक्ष पेश किया था।
विचारण उपरांत अपर सत्र न्यायाधीश डॉ. सुभाष जैन ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजी साक्ष्य एवं न्यायालय में दी गई साक्ष्य तथा डीएनए परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर दोहरी हत्या के इस प्रकरण में आराेपी रूपराम पिता गोपाल कुम्हार (45) एवं आरोपी चेलाराम उर्फ शिवराम पिता तेजी कुम्हार (33) को कठोर कारावास से दंडित किया दोनाें आरोपियों को दोहरी हत्या के अपराध में दोहरा आजीवन कारावास एवं प्रत्येक हत्या के अपराध में दो-दो हजार के जुर्माने की सजा से दण्डित किया गया है। प्रकरण में पैरवी अपर लोक अभियोजक रामनारायण गर्ग ने की।