बांदकपुर की महिला डेंगू पीड़ित
जिले के बांदकपुर क्षेत्र निवासी एक महिला डेंगू से पीड़ित मिली है। इस खबर के बाद अब क्षेत्र में दहशत का माहौल बनने लगा है। जिले में डेंगू मरीज मिलने का यह दूसरा मामला सामने आया है। इसके पहले रजपुरा क्षेत्र में डेंगू का मरीज मिला है। जानकारी के अनुसार बांदकपुर निवासी 45 वर्षीय निर्मला दुबे को आठ-दस दिनों से बुखार रहा था। परिजनों ने स्थानीय स्तर पर महिला का इलाज कराया, लेकिन उसे आराम नहीं लगा। इसके बाद महिला का दमोह में प्राइवेट डॉक्टरों के यहां इलाज कराया गया। महिला की हालत में सुधार नहीं होने पर उसे जबलपुर ले जाया गया। जहां मेट्रो हॉस्पिटल में महिला को भर्ती किया गया। वहां महिला का ब्लड सेंपल लेकर जांच कराई गई, तो उसमें डेंगू के लक्षण सामने आए। महिला के परिजनों के अनुसार वे 24 सितंबर को निर्मला को इलाज के लिए जबलपुर ले गए थे। जहां दूसरे दिन जांच के बाद डेंगू की पुष्टि की गई। जिले में एक महीने में डेंगू के दो मरीज सामने आने के बाद भी स्वास्थ्य अमला लापरवाह बना हुआ है। विभाग द्वारा केवल छिड़काव कराकर औपचारिकता निभाई जा रही है।
एक बच्ची की जबलपुर में हो चुकी मौत
बटियागढ़ब्लाक के फुटेरा निवासी नरेश अहिरवाल की साढ़े तीन साल की बेटी एंजिल को 7 सितंबर को गंभीर हालत में इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डेंगू की संभावना के चलते बच्ची को इलाज के लिए जबलपुर रैफर कर दिया गया था जहां 8 सितंबर को इलाज के दौरोन उसकी मौत हो गई थी। 8 सितंबर को कुंवरपुर सिमरिया निवासी एक महिला को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां से उसे डेंगू की संभावना के चलते जबलपुर रैफर कर दिया गया था। इसके पहले शहर के गढ़ी मोहल्ला निवासी 14 वर्षीय बालिका को बुखार आने पर इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया था जहां डेंगू की संभावना के चलते उसका ब्लड सेंपल लिया गया लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण सेंपल एक सप्ताह तक लैब में ही रखा रहा गया था जिसे परिजनों के हस्तक्षेप के बाद जांच के लिए भेजा गया था।
जिले के रजपुरा निवासी 38 वर्षीय आनंद पिता खेमचंद जैन को बुखार आने पर जबलपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था जहां जांच के दौरान डेंगू के लक्षण पाए गए। दस दिन तक जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती रहने के बाद आनंद वापस रजपुरा गए हैं। आनंद को 3 सितंबर को बुखार आया था। जिसके ब