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दर्जनों बच्चे फोड़े-फुसिंयों से पीड़ित, एक की मौत
भास्कर संवाददाता। दमोह/ फतेहपुर
जंगलसे सटे ग्रामों में स्वास्थ्य की उचित सुविधाएं नहीं होने से बच्चे बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। बच्चे खुजली, फोड़े, फुसिंयों एवं बुखार से पीड़ित हैं लेकिन इलाज की व्यवस्था होने से लोगों को नीम हकीमों से इलाज करवाना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में यह रोग घटने की जगह बढ़ता ही जा रहा है। हालही में बीमारी के चलते एक बच्ची की मौत भी हो चुकी है। अभी तक प्रशासन द्वारा इन गांवों में कोई स्वास्थ्य सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है।
जानकारी के अनुसार बटियागढ़ जनपद के सादपुर उपस्वास्थ्य केंद्र के मढ़ाटोला गांव में सड़क किनारे रहने वाले सुखराम सिंह की एक बच्ची की चार दिन पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी। उसके पिता सुखराम ने बताया कि बच्ची के शरीर पर लाल फुंसियां हो गई थीं। जिसे सादपुर के एमपीडब्ल्यू से जांच भी कराई थी। एक तरफ परिवार वाले उसे माता निकलने का संदेह जात रहे थे। तो दूसरी ओर एमपीडब्ल्यू काशीराम अहिरवाल ने बताया कि पिछले दस दिनों से बीमारी के कारण बहुत कमजोर हो गई थी। उसे माता नहीं फुंसियां हुई थीं। जिसे आयरन एवं विटामिन की दवाइयां दी गई थी। उसके बाद भी उसकी मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि सिंगपुर पंचायत के मढ़ीटोला ग्राम में गुल सिंह (6) प्रताप (2), ज्योति (3), लाखन (5) सहित करीब एक दर्जन बच्चे खुजली बुखार से पीड़ित है। गांव के राजनारायण ने बताया कि बच्चों को खुजली होती है जो खुजाने पर पक जाती है।स्वास्थ्य विभाग के एमपीडब्ल्यू ने बताया कि बच्चे गंदे पानी के नाले में नहाते हैं। जिस कारण खुजली जैसे रोग हो रहे हैं। मालती, दरोपति बाई ने बताया कि गांव से अस्पताल लगभग 25 किलोमीटर दूर बटियागढ़ में है। जहां आवागमन के पर्याप्त साधन नहीं होने से अस्पताल आने-जाने में परेशानी होती है।
इस संबंध में बटियागढ़ बीएमओ डा. केएल आदर्श का कहना है कि मढ़ा टोला ग्राम में खुजली एवं फोड़ों की बीमारी बच्चों को होने की शिकायत मिली है। शीघ्र ही वहां डॉक्टर को भेजकर जांच करवाई जाएगी।
सीएमएचओ डॉ. ओपी गौतम बताया कि तुरंत बीएमओ से इस बारे में बात करके गांव में मेडिकल टीम भिजवा रहे हैं।
फतेहपुर। खुजली, फोड़े, फुसिंयों एवं बुखार से पीड़ित बच्चे। इलाज के अभाव में फैल रही यह बीमारी।