- Hindi News
- कृषि महोत्सव रस्मी कार्यक्रम बनकर रह जाए : मुख्यमंत्री
कृषि महोत्सव रस्मी कार्यक्रम बनकर रह जाए : मुख्यमंत्री
कृषिमहोत्सव में अधिक से अधिक किसानों, जन-प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों को जाेड़ें। कृषि महोत्सव रस्मी कार्यक्रम बनकर नहीं रह जाए। प्रदेश के हर किसान तक खेती को लाभ का धंधा बनाने का संदेश पहुंचे। महोत्सव को अर्थपूर्ण बनाएं। प्रदेश में 25 सितंबर 20 अक्टूबर तक कृषि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल में कृषि महोत्सव की सफलता के लिए वीडियो कान्फ्रेंसिंग कर संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव अंटोनी डिसा भी मौजूद थे।
श्री चौहान ने बताया कि वे स्वयं उनके मंत्रि-परिषद के सदस्य और विभिन्न विभाग के सचिव भी महोत्सव में शामिल होंगे। उन्होंने अभियान के दौरान खसरा, खतौनी वितरण और किसान क्रेडिट काॅर्ड बनाने के कार्य को अभियान स्तर पर चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि महोत्सव का सफल संचालन करने वाले विभाग, जिले, विकासखंड और गांवों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। प्रत्येक जिले से एक गांव का पुरस्कार के लिए चयन होगा। विजेताओं को स्वयं मुख्यमंत्री पुरस्कृत करेंगे।
जम्मू-कश्मीरमें मदद का आव्हान
मुख्यमंत्रीने जम्मू-कश्मीर के बाढ़ पीढ़ितों की मदद के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष में राशि जमा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सहयोग की छोटी से छोटी राशि पीड़ित मानवता के प्रति जुडा़व की प्रतीक होती है। वीडियो कांफ्रेंस में पशुपालन, कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता, जल संसाधन ऊर्जा, मत्स्य-पालन आदि विभागों के प्रमुख सचिव भी मौजूद थे।
एनआईसी दमोह कक्ष में कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह, अपर कलेक्टर अनिल शुक्ला, एसडीएम दमोह मनोज कुमार ठाकुर, हटा राकेश कुशरे, पथरिया नंदलाल सामरथ, डिप्टी कलेक्टर केपी पांडे , उपसंचालक कृषि नामदेव हेड़ाऊ, अग्रणी जिला प्रबंधक बीएल राय, आदिम जाति कल्याण संयोजक सलीम खान, जिला कार्यक्रम अधिकारी चंद्रावती गुप्ता, सूचना विज्ञान अधिकारी मनोज शर्मा सहित जिला प्रमुख मौजूद थे।