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पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन, शव रखकर जाम लगाया

6 वर्ष पहले
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मां और दादी बेहोश होकर सड़क पर गिरीं

कक्षा8वीं के छात्र का अपहरण कर हत्या करने और शव जलाकर सड़क किनारे फेंके जाने की घटना के विरोध में बुधवार को यहां हाइवे जाम कर दिया गया। शाम 3.45 बजे मोहल्ले के लोगों और मृतक के परिजनाें ने तीन गुल्ली चौराहा में सागर-जबलपुर हाईवे पर जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

शव को हाथ ठेला पर रखकर लोग यहां पहंुचे थे। जाम में महिलाएं, बच्चियां, बच्चों से लेकर पुरुषों ने एकजुट होकर हाथ थामे और किसी भी वाहन काे नहीं निकलने दिया। करीब डेढ़ घंटे तक लोग प्रदर्शन करते रहे। इस दोरान मृतक की मां दीपारानी, चाची सरोज, दादी कई बार बेहोश होकर सड़क पर गिरी। प्रदर्शनकारी पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। मौके पर पहुंचे कोतवाली टीआई केके त्रिपाठी ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। जब हालात बेकाबू हो गए तो मौके पर एसडीएम मनोज कुमार ठाकुर, तहसीलदार मनोज कुमार श्रीवास्तव और सीएसपी डॉ. संजीव उईके पहुंचे और उन्होंने आरोपियों के खिलाफ ठोस कारवाई का आश्वासन परिजनों को दिया। इस दौरान लोगों ने पुलिस हिरासत में लिए गए मृतक के दोस्त आकाश राठौर और अनिकेश तिवारी को रिहा करने तथा उन्हें पुलिस सुरक्षा देने की भी मांग रखी। यही दोनों घटना के चश्मदीद हैं। पुलिस ने लोगों की सभी मांगें मानते हुए छात्र के परिजनों से आरोपियों के नाम लिखकर देने कहा, ताकि उस सब के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया जा सके। शाम करीब 5.15 बजे अधिकारियों के आश्वासन पर जाम खुला गया। एसडीएम ने पीड़ित परिवार को 5 हजार रुपए की तात्कालिक सहायता राशि देने के लिए भी कहा। इस दौरान तीन गुल्ली चौराहा के चाराें तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। जाम खुलने के बाद पुलिस ने भीड़ को खदेड़कर तितर-वितर किया। देर शाम बच्चे के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

अरविंद का शव मिलने की खबर के बाद उसकी मां दीपरानी और चाची सरोज सहित परिजन बिलख पड़े। रोते-बिलखते छात्र के परिजन।

मैरिज हाल के बाहर से ले गए थे उठाकर

अब तक शहर से पांच मासूमों की हो चुकी हत्या

शहर में कोतवाली थाना क्षेत्र के बजरिया वार्ड क्षेत्र, चैनपुरा मोहल्ला से ही करीब पांच मासूम बच्चे लापता हो चुके हैं। इन सभी की हत्या की गई थी। इनमें से एक भी घटना का पुलिस आज तक खुलासा नहीं कर पाई है।

{ करीब 8 साल पहले कोतवाली क्षेत्र के बजारिया वार्ड निवासी लखनलाल रैकवार का 13 वर्षीय बेआ नंदू रैकवार दीपावली के बाद ग्यारस के दिन अचानक लापता हो गया था। तीन दिन बाद किशुन तलैया में नंदू का शव क्षत-विक्षत हालत में मिला था। पूर्व में पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज किया था, लेकिन बाद में इस संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने कुछ नहीं किया।

{करीब 6 साल पहले बजरिया वार्ड में ही लखनलाल रैवार के घर के पास रहने वालेमंजू महमूद खान का 8 वर्षीय बेटा आरिफ अचानक मोहल्ले से लापता हो गया था। घटना के दूसरे ही दिन शोभानगर स्थित कब्रिस्तान में आरिफ का शव क्षत-विक्षत हालत में बरामद हुआ था। इस घटना के बाद आरिफ की मां ने बेटे की मौत के गम में ट्रेन से कटकर जान दे दी थी।

{करीब 5 साल पहले चैनपुरा मोहल्ला में ही किराए से रहने वाले लालू अहिरवाल का 11 वर्षीय बेटा चिंटू मोहल्ले से ही अचानक लापता हो गया था। बाद में चिंटू का शव भी क्षत-विक्षत हालत में मिला था। बेटे को खोने के बाद चिंटू के माता-पिता अपना घर-गृहस्थी बेंचकर मजदूरी करने दिल्ली चले गए।

{करीब तीन साल पहले चैनपुरा मोहल्ला निवासी मुकेश उर्फ मुक्कू अहिरवार का 8 वर्षीय बेटा देवदास गणेशोत्सव के समय ही अचानक मोहल्ले से लापता हो गया था। घटना के दूसरे दिन मोहल्ले से कुछ दूर एक गड्‌ढे में बच्चे का शव पानी में आधा डूबा हुआ पाया गया था। इस बच्चे की भी हत्या हुई थी।

{करीब एक साल 19 जुलाई 2014 को पहले ही कोतवाली क्षेत्र के चैनपुरा मोहल्ला निवासी संतोष कर्मी का 9 वर्षीय नाती नीलेश पिता रामभजन अचानक लापता हो गया था। गुमशुदगी की रिपोर्ट कोतवाली में हुई।

तीन गुल्ली चौराहा पर छात्र की हत्या के विरोध में जाम लगाए लोगों को समझाने का प्रयास करते एसडीएम, तहसीलदार और सीएसपी।