हड़ताल खत्म करने कर्मचारियों को मिल रहीं धमकियां
मांगों को लेकर मनरेगा अधिकारी कर्मचारी संघ का धरना प्रदर्शन जारी
भास्कर संवाददाता | दमोह
मनरेगा अधिकारी कर्मचारी नियमितीकरण, समान कार्य समान वेतन की मांग को लेकर दो दिन से कलम बंद हड़ताल कर धरना पर बैठे हैं। मंगलवार को कर्मचारियों अधिकारियों ने कलेक्टोरेट के सामने पंडाल लगाकर धरना प्रदर्शन शुरू किया साथ ही मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा।
धरने पर बैठे कर्मचारी अधिकारी पंडाल में नारेबाजी करते रहे। संघ के अध्यक्ष पुष्पेंद्र पटेल ने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम मनरेगा भारत में लागू एक रोजगार गारंटी योजना है, जिसे 25 अगस्त 2005 को विधान द्वारा अधिनियमित किया गया। यह योजना प्रत्येक वित्तीय वर्ष में किसी भी ग्रामीण परिवार के उन वयस्क सदस्यों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराती है। लेकिन मनरेगा में अधिकारी, कर्मचारियों की हालत योजना के 10 वर्ष पूर्णं हो जाने के बाद भी खस्ता है। इसके चलते मांगों को लेकर प्रदेशस्तर पर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। दमोह में भी जिले के सभी अधिकारी कर्मचारी धरने पर बैठे हैं। श्री पटेल ने बताया कि पिछले 8 वर्षोंं से हम अपनी मांगों को लेकर परेशान हैं जिम्मेदार अधिकारी पिछले आठ वर्षो से हमें डराते रहे हैं। अब हम हड़ताल पर बैठे हैं तो हमें ऊपर से धमकियां आ रही हैं की आप लोग हड़ताल खत्म करें अन्यथा आप सभी की संविदा नियुक्ति समाप्त कर दी जाएगी। लेकिन हम इस बार आर पार की लडा़ई लडेंगें। मनरेगा कर्मियों नें हड़ताल के माध्यम से नियमितिकरण की नीति बनाई जाने, समान कार्य समान वेतन का लाभ दिए जाने और बिन संविदा नीति वापस लेने की मांग रखी है। धरने पर मनरेगा अधिकारी कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष श्री पटेल सहित अनुराग सिंह, वीर सिंह, अर्जुन पटेल, अवधेश गौतम, संजय अहिरवार, स्नेहलता गुप्ता, राकेश चौबे, परवेज खान, सुनील तिवारी, आलोक खरे, विजेंद्र सिंह, अयंक मिश्रा, दिनेश पटेल, हेमेंद्र सिंह, आदर्श मिश्रा, नितिन जैन, नितिन ताम्रकार, द्वारका पटेल, सुदर्शन पटेल, सचिन सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे।
कलेक्टोरेट के सामने धरना पर बैठे मनरेगा अधिकरी कर्मचारी।