टेंडर खत्म होने से रुका परिचय पत्र बनने और सुधरने का काम
दिव्यांशी दुबे, रोशनी शर्मा ने बताया कि मतदाता दिवस 25 जनवरी को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया था, दो बार कलेक्टोरेट की निर्वाचन शाखा में जाकर पता किया, लेकिन काम बंद होने की बात कही जा रही है। उन्होंने बताया कि एक ओर प्रशासन ने बड़े जोरशोर से सूची में नाम जुड़वाने के लिए अभियान चलाया लेकिन अब कार्ड बनवाने के लिए बार-बार परेशान होना पड़ रहा है।
दमोह। कलेक्टोरेट निर्वाचन कार्यालय में मतदाता कार्ड नहीं बन रहे हैं।
Âटेंडर न होने के कारण दस दिन से बंद पड़ा काम Âकार्यालय के चक्कर लगा रहे आवेदक
भास्कर संवाददाता | दमोह
कलेक्टोरेट परिसर में स्थित निर्वाचन शाखा में करीब 5 हजार आवेदकों के परिचय पत्र अटक कर रह गए हैं। यहां पर न तो परिचय पत्र बनाए जा रहे हैं और न ही डुप्टीकेट कार्ड। परिचय पत्रों में संशोधन का काम भी रूका पड़ा है। यह स्थिति बीते 10 दिनों से बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस व्यवस्था को ठीक कराने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
दरअसल निवार्चन शाखा का पूरा काम टेंडर प्रक्रिया से होता है। पूर्व में जिस ठेकेदार को यहां का कार्य दिया गया था, उसकी निविदा अवधि 31 दिसंबर को समाप्त हो चुकी है जिससे उसने 31 दिसंबर को ही काम बंद कर दिया है। तभी से यहां पूरा काम ठप पड़ा है। नियमानुसार किसी भी कार्य का ठेका समाप्त होने के पहले अन्य ठेकेदार को यहां पर कार्य शुरू कर देना चाहिए था लेकिन इसकी व्यवस्था नहीं की गई। परेशानी की बात यह है कि किसी भी शासकीय योजना का लाभ लेने के लिए या फिर आवेदन करने के लिए परिचय पत्र की अनिवार्यता आवश्यक होती है ऐसी स्थिति में परिचय पत्र न बनने से आम लोगों को काफी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि एक ओर जिला प्रशासन द्वारा मतदाता दिवस के पूर्व जिले भर में बड़े-बड़े बेनर पोस्टर लगवाकर लोगों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए अभियान शुरू किया था। स्कूल, कॉलेजों में जाकर जागरूकता शिविर लगाए गए। जिसके बाद 18 वर्ष की उम्र एवं उससे अधिक के नव मतदाताओं ने भारी संख्या में निर्वाचन कार्यालय एवं अपने क्षेत्र के बीएलओ के पास जाकर आवेदन जमा किए गए, लेकिन अब उनके परिचय पत्र बनाने का काम ठप पड़ा है। प्रतिदिन सैकड़ों लोग निर्वाचन कार्यालय में जाकर मतदाता परिचय पत्र बनवाने के लिए संपर्क कर रहे हैं, लेकिन उन्हें टेंडर न होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। तीन गुल्ली निवासी राजेश पटेल ने बताया कि उन्होंने मतदाता परिचय पत्र में गलत नाम दर्ज होने के कारण प्रारूप 6, 7, 8 भरा था लेकिन बीते एक पखवाड़े में चार बार आ चुका हूं, लेकिन हर बार भटकाया जा रहा है।
आज ही आए आदेश
Ãटेंडर का काम भोपाल से होता है। आज ही आदेश प्राप्त हुए हैं, जिसमें बताया गया है कि सतना की परफेक्ट इंन्फोसाफ्ट कंपनी को दमोह का टेंडर प्राप्त हुआ है। कंपनी से जल्द से जल्द काम शुरू करने के लिए कहा जाएगा। इस बार टेंडर में देरी होने से करीब 5 हजार आवेदकों के काम ठप पड़े हैं। , - मनोज राज, प्रेक्षक निर्वाचन शाखा दमोह